Lumpy Skin Disease : राजस्थान में बरपा लम्पी वायरस का कहर, 2726 गायों की मृत्यु, बदबू से पूरा वातावरण दूषित

लम्पी वायरस से सबसे अधिक दुष्प्रभावित पश्चिमी राजस्थान में हालात बहुत ही अधिक चिंताजनक हैं। यहां बड़ी संख्या में गायों की मृत्यु हो रही है, जिसकी वजह से जगह-जगह गोवंश के शव बिखरे पड़े हैं। शवों को रेगिस्तान में भूमि-समाधि दी जा रही है।

देश के विभिन्न राज्यों में लम्पी वायरस (Lumpy virus) का संक्रमण मवेशियों में तेजी से देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में हाहाकार मचाने के बाद अब यह खतरनाक वायरस राजस्थान (Rajasthan) के कुछ जिलों में कहर की तरह बरप रहा है। पश्चिमी राजस्थान इस वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देखा जा रहा है। यहां बड़ी संख्यां में गायों की मृत्यु इस खतरनाक वायरस के द्वारा हुई है ।

 

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रेगिस्तान बने गोवंश की समाधि

लम्पी वायरस से सबसे अधिक दुष्प्रभावित पश्चिमी राजस्थान में हालात बहुत ही अधिक चिंताजनक हैं। यहां बड़ी संख्या में गायों की मृत्यु हो रही है, जिसकी वजह से जगह-जगह गोवंश के शव बिखरे पड़े हैं। शवों को रेगिस्तान में भूमि-समाधि दी जा रही है। जिसके लिए बड़े-बड़े गद्दे करके एक साथ दर्जनों गोवंश के शवों को अंतिम समाधि दी जा रही है।

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दूध की बड़ी खपत, घटी आपूर्ति

बड़ी संख्या में गोवंश की मृत्यु से पश्चिमी राजस्थान में दूध की आपूर्ति में बहुत ही अधिक कमी देखने को मिल रही है, जबकि इस इलाके में दूध की खपत बहुत ही ज्यादा है। इसके अलावा सभी डेयरी प्रोडस्ट्स जैसे छाछ, पनीर मक्खन, घी पर भी भारी असर पड़ा है।

क्या है लम्पी वायरस

लम्पी एक प्रकार का स्कीन रोग है जो मवेशियों में पाया जा रहा है। यह एक संक्रामक रोग है जो पॉक्सविरिडे परिवार के एक वायरस के कारण होता है, जिसे नीथलिंग वायरस भी कहा जाता है। इस वायरस के संक्रमण के कारण पशुओं की त्वचा पर गांठें होती हैं। इसके कारण संक्रमित मवेशी के अंगों में सूजन बढ़ती जाती हैं और साथ ही प्रभावित मवेशियों की त्वचा को स्थायी नुकसान होता है। मवेशियों में संक्रमण की अधिकता से मृत्यु का कारण भी यह वायरस बन रहा है ।