लिव-इन, शादी,झांसा और बलात्कार…!

0
53
live_in_relation

Live-in, marriage, hoax and rape …!

विनोद और सरीता( तंग ज़हन इसे वारिस और शमशाद भी पढ़ सकते हैं) एक दूसरे को पसंद करते थे।फिर दोनों ने लिव-इन मे रहना शुरू कर दिया। मतलब उनकी शादी नही हुई थी,पर बाकी सब हो रहा था।लिव-इन का मतलब ही यही है, शादी नही करेंगे,पर साथ रहेंगे। इस तरह का फैसला तभी लिया जाता है, जब दोनों खुद को शादी के करीब नहीं पाते, पर उसके बगैर मिल-जुल कर एक छत के नीचे रहते हैं।जिंदगी को बांटते हैं, जिस्म को बांटते हैं और मोहब्बत भी बांटते हैं।(ज़रूरी नही मोहब्ब्त भी हो) लेकिन इसमें कहीं भी शादी शर्त नहीं होती है। जरूरी भी नहीं, हर लिव-इन का खात्मा शादी पर ही हो। अगर शादी ही मकसद है तो फिर लिव-इन की ज़रूरत रह कहा जाती है। यहां तो मकसद सिर्फ इतना है, जब तक अच्छा रहेगा, साथ रहेंगे। फिर अपने-अपने हो जाएंगे और हो सकता है शादी भी कर ले,पर ज़ोर-जबर्दस्ती नहीं है।इसमे दोनों की मर्जी बराबर है।जितनी विनोद की,उतनी ही सरीता की।इनके बीच हर तरह के रिश्ते है। कोई किसी पर जबरदस्ती नहीं कर रहा है।फिर विनोद को लगता है अब इस रिश्ते को खत्म किया जाए,पर सरीता कुबूल नही कर पाती।उसे महसूस होता है, वो अब विनोद के बिना नही रह सकती और वो जो राज़ीमर्ज़ी का फार्मूला था,उसे भी भूल जाती है। जबकि पहले ही तय हुआ था, ये लिव-इन है, जब तक अच्छा लगेगा, रहेंगे। जब विनोद नही मानता तो सरीता उसके खिलाफ पुलिस में बलत्कार का रिपोर्ट दर्ज करा देती है और पुलिस भी बिना जांच किए, बलात्कार की धाराएं लगा देती है। दूसरे दिन अखबार की सुर्खी बनती है- लिव-इन में रहने के बाद.. शादी का झांसा देकर किया बलात्कार। और विनोद के हाथों में हथकड़ी होती है। जो पुलिस बताती है, वही अखबार वाले लिख भी देते हैं। कोई उनसे पूछता नहीं जब लिव-इन में रह रहे थे तो फिर शादी का झांसा कैसे हो गया और उस पर बलात्कार का मुकदमा कैसे लगाया जा सकता है।जिसे बलत्कार बताया जा रहा है,वो तो दोनों की मर्जी से बने रिश्ते थे।अखबार में ये भी लिखा मिलता है- लिव-इन में रहने के बाद साल भर से कर रहा था बलत्कार,सब हेडिंग होती है-शादी का झांसा देकर कई महीने से कर रहा था बलात्कार। पल भर में विनोद बलात्कारी हो जाता है और सरिता को महिला या लड़की होने का फायदा मिलता है,जबकि वो लिव-इन मे थी और बराबरी से थी।कोई उससे नही पूछता, वो झांसे में कैसे आ गई और लिव-इन में झांसा कैसे दिया जाता है! असल में ‘जग्गा’ को विनोद और सरिता की याद इसलिए आ गई, क्योंकि आज फिर सुबह के अखबारों में लिव-इन, शादी, झांसा और बलात्कार की खबर छपी है और पुलिस फिर लड़की के साथ है और लड़के पर बलात्कार है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here