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अंतिम समय पर रद्द हुई श्रमिक स्पेशल ट्रेन, विरोध प्रदर्शन पर उतरे मजदूर!

नई दिल्ली : देशभर में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन जारी है. इस लॉकडाउन में सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना प्रवासी मजदूरों को करना पड़ रहा है. लॉकडाउन के करीब दो महीने बाद भी कई मजदूर अपने घर जाने के लिए तरस रहे हैं. वहीं खबर आ रही है कि पंजाब के अमृतसर में मजदूरों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया है. उनका कहना है कि अंतिम वक्त पर ट्रेन रद्द हो गई और अब वो सड़क पर रह रहे हैं.

अमृतसर में प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने कहा कि “गुरुवार को उनकी हेल्थ स्क्रीनिंग की गई, बस में बैठाकर स्टेशन ले जाया गया लेकिन फिर कहा गया कि ट्रेन रद्द हो गई है. तब से हम सड़क पर ही रुके हुए हैं, हम चाहते हैं कि सरकार हमें तुरंत घर भेजे.”

प्रवासी मजदूरों से ट्रेन और बसों के किराया वसूली को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आदेश जारी किए है। जिसके अनुसार प्रवासी मजदूरों से बस और रेल का किराया नहीं लिया जाएगा।

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रेल में यात्रा करने वाले मजदूरों के लिए खाने की व्यवस्था की जाए। रेलवे, प्रवासी मजदूरों की खाने की व्यवस्था करे। बसों से सफर करने वाले मजदूरों के लिए भी खाने-पीने की व्यवस्था की जाए। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्ररम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों को लेकर कई आदेश जारी किए विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए सभी प्रवासी कामगारों को संबंधित राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा उन स्थानों पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

कोर्ट ने कहा कि मूल राज्य स्टेशन पर भोजन और पानी प्रदान करेगा और यात्रा के दौरान, प्रवासी श्रमिकों को भोजन और पानी प्रदान करने के लिए रेलवे ट्रेन यात्रा में मूल राज्य भोजन और पानी प्रदान करेंगे। किराए के अलावा कोर्ट ने कहा कि राज्य प्रवासी श्रमिकों के पंजीकरण की देखरेख करेगा और यह सुनिश्चित करने के लिए कि पंजीकरण के बाद, वे एक प्रारंभिक तिथि पर ट्रेन या बस में चढ़े।