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दिल्ली: कोरोना से नहीं हॉस्पिटल के बिल से मर जाएंगे मरीज, लोन लेकर चुका रहे पैसा

नई दिल्ली: राजधानी दिओल्ली में कोरोना की तेजी से फ़ैल रहा है। ऐसे में राइवेट अस्पतालों की मनमानी अब त्रासदी का रूप लेती जा रही है। देश में कई प्राइवेट अस्पताल मरीजों से पीपीई किट और एन95 मास्क के पैसे भी वसूल रहे हैं। एक ओर जहां कोरोना का इलाज मुफ्त किया जा रहा है, वहीं कई अस्पतालों की लूट की चौंकाने वाली खबर सामने आई है।

उपकरणों के लिए 50 प्रतिशत तक चार्ज कर रहे हैं अस्पताल

पीपीई किट, मास्क और फेस शील्ड जैसे उपकरणों के लिए अस्पताल पहले जहां 10 प्रतिशत तक पैसे चार्ज करते थे, अब वो इसके लिए 50 प्रतिशत तक चार्ज कर रहे हैं। डॉक्टर और नर्स जो मेडिकल उपकरण इस्तेमाल कर रहे हैं उसका भारी-भरकम बोझ मरीजों को झेलना पड़ रहा है।

दिल्ली में एक व्यक्ति के कोरोना इलाज के बाद प्राइवेट अस्पताल ने 2.80 लाख का बिल बनाया। इसमें पीपीई किट सहित अन्य जरूरी मेडिकल उपकरणों की कीमत ही 1.40 लाख रुपये थी यानी पूरे इलाज का आधा पैसा सिर्फ इन उपकरणों का ही ले लिया गया।

सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देशभर से ऐसी ख़बरें सामने आ रही है। एक प्राइवेट अस्पताल ने पीपीई किट के लिए 9 दिनों में 80 हजार रुपये का बिल बनाया। मरीज के भाई ने बताया है कि शुरुआती दो दिनों में किट की कीमत 4300 रुपये वसूली गई तो वहीं आखिरी 7 सात दिनों में इसके लिए अस्पताल ने 8900 रुपये चार्ज किए।

लोन लेकर चूका रहे पैसा

रिपोर्ट्स के मुताबिक जनवरी से मार्च महीने के दौरान इंश्योरेंस पॉलिसी लेने वालों की संख्या में 20 से 25 फीसदी का इजाफा हुआ है. लेकिन इंश्योरेंस पॉलिसी भी मरीजों की बहुत मदद नहीं कर पा रही हैं क्योंकि ज्यादा कंपनियां पीपीई किट और मास्क जैसे मेडिकल उपकरणों का बिल अदा नहीं करतीं। ऐसे में मरीजों को जेब से ही ये रकाड देनी पड़ रही है। दिल्ली में कुछ मरीजों के मुताबिक उन्हें कोरोना के इलाज का बिल भरने के लिए लोन लेना पड़ा क्योंकि इंश्योरेंस कंपनियां पूरा पैसा नहीं अदा कर रही थीं।