दिगंबर जैन समाज के ह्रदय स्थल काँच मंदिर पर सम्पूर्ण दिगंबर जैन मंदिरों के अध्यक्ष मंत्रीयों की उपस्थिति में रविवार दिनांक 11/9/22 को संध्या पाँच बजे मनेगी सामूहिक क्षमावाणी। संध्या ४ बजे से पचास वर्षों से पूजन करते आ रहे काँच मंदिर समाज अध्यक्ष विजय कासलीवाल, विमल पहाडिया, सुरेश राखीवाला , अशोक जैन विधि विधान से श्रीजी के पूजन पश्चात परम पुज्य पुर्ण मति माताजी व परम पुज्य आदित्य सागर जी के ससंध प्रवचन होंगे।

कोरोना काल को छोड़कर अनवरत १०० वर्षों से चली आ रही सामूहिक क्षमायाचना पर्व देशभर के जैन समाज लिए मिसाल है। दिगंबर जैन समाज कांच मंदिर सर सेठ हुकमचंद मार्ग के मंत्री नकुल पाटोदी ने बताया कि संध्याकाल ६ बजे सूर्यास्त पूर्व श्री जी के कलशाभिषेक होंगे तत्पश्चात् समाज जन एक दूसरे से विगत वर्ष में एक दूसरे से हुई ग़लतियों पर क्षमायाचना माँगते है।

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महापर्व पर्यूषण के बाद क्षमायाचना पर्व शहर के सभी मंदिरों में मना ली जाती है। कांचमंदिर पर क्षमायाचना पर्व एक दिन छोड़कर मनाएं जाने की परिपाटी है ताकि सम्पूर्ण दिगंबर जैन समाज एकत्र होकर क्षमायाचना पर्व मनाते है। यह एक विहंगम दृश्य होता है। हर्ष, उल्लास, विनम्रता, आत्मीयता से एक दूसरे से क्षमा माँगने के पर्व को क्षमा वीरस्य भूषणम् की कहा जाता है। क्षमा मांगना भी, करना भी।
*उत्तम क्षमा *