गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं ने प्राधिकरण को लगाया लाखों का चूना

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ghotala

इंदौर विकास प्राधिकरण को गृह निर्माण संस्थाओं द्वारा लाखों रुपए का चूना लगाया गया है इस मामले में चौंकाने वाली बात यह पता चली है कि इंदौर के पूर्व कलेक्टर द्वारा इंदौर विकास प्राधिकरण से यह जानकारी मांगी गई थी कि कितनी संस्थाओं से योजनाओं की जमीन छोड़ने के लिए प्राधिकरण तथा संस्थाओं के बीच अनुबंध किया गया था

इस अनुबंध के तहत योजना में शामिल की गई सभी गृह निर्माण संस्थाओं की जमीन का विकास सदस्यों के शुल्क से प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा एवं भूखंडों की रजिस्ट्री भी इसके माध्यम से की जाएगी ऐसा तय हुआ था

कुल मिलाकर यह बताया गया था कि 40 गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं से इस संकल्प के तहत अनुबंध हुआ था इस अनुबंध के अंतर्गत अधिकांश संस्थाओं के सदस्यों ने अनुबंध का पालन करते हुए भूखंड खरीदते समय विकास की निर्धारित राशि के नए गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं को सौंप दी थी लेकिन इन संस्थाओं ने एक घोटाला यह किया कि सदस्यों से विकास के नाम पर जो राशि इकट्ठा की गई थी उसे प्राधिकरण में जमा कराने की बजाय अपने ही कामों में ले ली गई और अनुबंध के अनुसार 5 साल तक विकास के संपूर्ण राशि जमा नहीं होने पर प्राधिकरण को ऐसी संस्थाओं से अनुबंध निरस्त करने थे लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा इन संस्थाओं से सांठगांठ करके इस पूरे मामले को रफा-दफा कर दिया गया

पूर्व कलेक्टर को जब पूरे मामले की शिकायत मिली तो उन्होंने विकास प्राधिकरण से यह जानकारी मांगी कि किन संस्थाओं ने यह घोटाला किया है पता चला है कि इस मामले में स्कीम नंबर 114 की शांति नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था शीतले स्वर संगीता को ऑपरेटिव कष्ट निवारक विक्रय कर कर्मचारी श्री लक्ष्मण नगर देवी अहिल्या श्रमिक कामगार आदर्श मैकेनिक नगर कर्मचारी कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी अरविंद नगर मालवीय नगर स्नेह नगर वैभव किरण निर्माण कविता कोऑपरेटिव के साथ ही स्कीम नंबर 103 में संगीता गृह निर्माण सहकारी संस्था विकास अपार्टमेंट योजना क्रमांक 19 में चोइथराम गृह निर्माण संस्था योजना क्रमांक 44 बी में सिद्धार्थ वेलफेयर सोसायटी सहित अनेक संस्थाओं द्वारा यह राशि विकास प्राधिकरण को जमा नहीं कराई गई थी

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