अनुमान से भी नीचे आई जीडीपी की दर, सरकार बोली- कुछ नहीं बिगड़ा

देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था को उस समय बड़ा झटका लगा जब दूसरी तिमाही में जीडीपी दर अनुमान से भी नीचे की ओर पहुंच गई। इससे मोदी सरकार की परेशानी बढ़ गई।

0
72
GDP

नई दिल्ली : देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था को उस समय बड़ा झटका लगा जब दूसरी तिमाही में जीडीपी दर अनुमान से भी नीचे की ओर पहुंच गई। इससे मोदी सरकार की परेशानी बढ़ गई। वहीँ दूसरी ओर विपक्ष लगातार आर्थिक मंदी को लेकर सरकार को घेरने में लगा हुआ है। हाल ही में जारी हुए जीडीपी के आंकड़ों की दर 4.5% रही। जो अनुमान से 0.5% कम रही। गिरती जीडीपी को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि भले ही जीडीपी की दर निचे आ गई हो लेकिन अर्थव्यवस्था मजबूत बानी हुई है।

इसके आलावा, जीडीपी आंकड़े जारी करने के बाद इस मामले में सचिव अतनु चक्रवर्ती ने कहा कि हमने आर्थिक आंकड़ों को देखा है। भारतीय अर्थव्यवस्था का बुनियादी ढांचा अभी भी मजबूत है। हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही में आर्थिक ग्रोथ में तेजी आएगी। यह बयान वित्त मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से आया है। आगे बताते हुए उन्होंने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अर्थव्यवस्था को वर्ष 2019-20 के लिए भारतीय जीडीपी को 6.1% की दर बढ़ने का अनुमान लगाया है।

उसकी के साथ अर्थव्यवस्था को बर्ष 2020-21 के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का अनुमान 7 फीसदी का है। इसका अनुमान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अक्टूबर में वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक की रिपोर्ट में लगाया है। दरअसल, चालू​ वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े हाल ही में जारी कर दिए गए हैं। जिसमें जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार पहले से भी घटकर 4.5 फीसदी के स्तर पर आ गई है। जो की पिछले 6 साल का सबसे निचला स्तर है। बता दे कि इसके पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 5 फीसदी के स्तर पर थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here