अलविदा 2019: इन खतरनाक बीमारियों ने मचाई तबाही, ली कई जानें

साल 2019 में निपाह वायरस से लेकर चमकी बुखार तक कई खतरनाक बीमारियों ने तबाही मचाई। इन बीमारियों की वजह से न जाने कितने लोगों की जान्न्चाली गई। आइए एक नजर उन चुनौतियों पर डालते हैं जिससे देश को गुजरना पड़ा।

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Nipah virus

नई दिल्ली: साल 2019 में कई ऐसे मौके आए जब देश को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कहीं प्राकृतिक आपदा तो कहीं बीमारियों ने चुनौती दी। साल 2019 में निपाह वायरस से लेकर चमकी बुखार तक कई खतरनाक बीमारियों ने तबाही मचाई। इन बीमारियों की वजह से न जाने कितने लोगों की जान्न्चाली गई। आइए एक नजर उन चुनौतियों पर डालते हैं जिससे देश को गुजरना पड़ा।

निपाह वायरस

इस साल निपाह वायरस ने बहुत तबाही मचाई और 17 लोगों की जान ले ली। निपाह एक ऐसा वायरस है जो जानवर से इंसान में फैलता है। चमगादड़ जब कोई फल खाते हैं तो उसमें अपना लार छोड़ देते हैं, जिससे फल संक्रमित हो जाता है। जब इस संक्रमित फल को कोई इंसान खा लेता है तो वो निपाह वायरस के चपेट में आ जाता है। हालांकि इससे निपटने के लिए अभी तक कोई इलाज उपलब्ध नहीं है।

चमकी बुखार

चमकी बुखार ने इस साल बिहार में तबाही मचाई थी। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर होता है। इस खतरनाक बीमारी ने बिहार में करीब 175 बच्चों की जान ले ली। बिहार में मानसून के दस्तक के बाद इस बुखार का प्रभआव कम हो गया। इस बुखार में बच्चे को लगातार तेज बुखार रहता है। बदन में ऐंठन होती है। बच्चे दांत पर दांत चढ़ाए रहते हैं। कमजोरी की वजह से बच्चा बार-बार बेहोश होता है। यहां तक कि शरीर भी सुन्न हो जाता है। इससे उसे झटके लगने लगते हैं। इसकी वजह से सेंट्रल नर्वस सिस्टम खराब हो जाता है।

प्रदूषण

प्रदूषण की समस्या वैसे तो पूरी दुनिया में है लेकिन वायु प्रदूषण से इस बार राजधानी दिल्ली को काफी परेशान किया। दुनियाभर में करीब 70 लाख लोग हर साल कैंसर, स्ट्रोक, हृदय और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों की चपेट में आकर मर जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह प्रदूषित हो रखा वातावरण है।