ऑटो सेक्टर में मंदी का असर- मारुति सुजुकी के 3 हजार लोगों को गंवानी पड़ी नौकरी

ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के चलते मारुति सुजुकी इंडिया के 3,000 से ज्यादा अस्थायी कर्मचारियों का रोजगार छिन गया है। मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने बताया कि वाहन उद्योग में जारी सुस्ती के कारण अस्थाई कर्मचारियों का काॅन्ट्रेक्ट रिन्यू नहीं किया गया है।

0
78

नई दिल्ली। ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के चलते मारुति सुजुकी इंडिया के 3,000 से ज्यादा अस्थायी कर्मचारियों का रोजगार छिन गया है। मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने बताया कि वाहन उद्योग में जारी सुस्ती के कारण अस्थाई कर्मचारियों का काॅन्ट्रेक्ट रिन्यू नहीं किया गया है। उन्होने कहजा कि ये बिजनेस का हिस्सा है। हांलाकि स्थाई कर्मचारियों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

भार्गव ने कुछ निजी टीवी चैनलों को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘यह कारोबार का हिस्सा है, जब मांग बढ़ती है तो अनुबंध पर ज्यादा कर्मचारियों की भर्ती की जाती है और जब मांग घटती है तो उनकी संख्या कम की जाती है।‘ उन्होंने कहा, ‘मारुति सुजुकी से जुड़े करीब 3,000 अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी चली गई है।’

भार्गव के अनुसार ऑटोमोबाइल सेक्टर द्वारा सेल्स, सर्विस, इंश्योरेंस, लाइसेंसिंग, फाइनेंसिंग, एसेसरीज, ड्राइवर, पेट्रोल पंप, ट्रांसपोर्टेशन के जरिए रोजगार के अवसर दिए जाते हैं। वाहनों के विक्रय में थोड़ी सी कमी से भी बड़े पैमाने पर नौकरियां प्रभावित होंगी।

भार्गव ने उम्मीद जताई है कि अगर सरकार ऑटो इंडस्ट्री के लिए कोई सकारात्मक कदम उठाती है तो हालात सुधर सकते हैं। जीएसटी कम करना सरकार पर निर्भर करता है। उन्होने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर मैं चाहुंगा कि प्रदुषण रहित कारों पर जीएसटी में छूट मिलना चाहिए। सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैकस में राहत दी है, लेकिन हाइब्रिड कारों पर भी ड्यूटी कम होनी चाहिए। साथ ही सीएनजी वाहनों पर टैक्स कम किया जाना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here