विज्ञान को अध्यात्म से जोड़ कर शिक्षा दी जाये : राज्यपाल श्रीमती पटेल | Education given to science by connecting with spirituality Governor Mrs Patel

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इन्दौर । राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज विश्वशांति गुरूकुल स्कूल (गाँधी नगर) का उद्घाटन करते हुये कहा कि आज विज्ञान को अध्यात्म को जोड़े जाने की जरूरत है, तभी विद्यार्थी को सही शिक्षा मिल पायेगी। विद्यार्थी को संस्कारवान शिक्षा की जरूरत है। उन्होंने ने कहा की जर्मनी में कुछ स्कूलों में बच्चों को गर्भ से शिक्षा और संस्कार शुरू कर दिये जाते हैं। उन्होंने महाभारत के अभिमन्यु से प्ररेणा ली है। ऐसे स्कूलों में गर्भवती माताओं को तनावमुक्त धार्मिक और नैतिक शिक्षा दी जाती है। इससे बच्चे संस्कारवान बनते हैं। गर्भवती माताओं को स्कूल में एडमिशन दिया जाता है। बच्चा पैदा होने के 3 साल बाद उन्हीं बच्चों उसी स्कूल में प्रवेश दिया जाता है। इसी प्रकार भारत में भी स्कूल खुलने चाहिये।

https://youtu.be/7Wp8i5bUyC4

 

 

 

महिलाएँ किसी से कम नहीं– गवर्नर

उन्होंने कहा कि महिलाएँ किसी से कम नहीं है। शहरों में महिला साक्षरता 80 प्रतिशत से अधिक है। महिलाएँ देश और विदेश में पुरूषों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर काम रही हैं। महिलाएँ सेना और पुलिस में काम कर रही हैं। बीएसएफ और सीआरपीएफ में भी महिलाओं भर्ती होने लगी है। महिलाएँ रात के अंधरे देश की सीमाओं की रक्षा कर रही हैं। महिलाएँ पायलेट हैं और अंतरिक्ष की भी यात्रा कर चुकी हैं। अर्थात् महिलाएँ पुरूषों से किसी भी मामले में कमजोर नहीं है। पढ़ाई-लिखाई के मामले में विश्वविद्यालयों में उनका परफामेंस पुरूषों से भी बेहतर हैं।

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा की शिक्षा डिग्री के लिये नहीं, व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिये होना चाहिये । विद्यार्थी का शारीरिक, मानसिक और अध्यात्मिक विकास होना चाहिये। देश 50 प्रतिशत शिक्षक महिलाएँ है। देश में पर्दा प्रथा, निरक्षरता और स्त्री-पुरूष असमानता दूर हो रही है। यह विश्वशांति गुरूकुल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करेगा। इस गांधी नगर क्षेत्र के गरीब और मध्यम लोगों को अच्छी शिक्षा प्रदान करेगा।

इस अवसर पर विश्वशांति गुरूकुल (गाँधी नगर) के संस्थापक डॉ. विश्वनाथ कराड ने कहा की इस विद्यालय की स्थापना संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम और स्वामी विवेकानंद की प्ररेणा से स्थापना की गई है। यह विद्यालय अपनी अलौकिक शिक्षा पद्धति के लिये पूरे देश में जाना जायेगा। कार्यक्रम को श्रीमती निशा शर्मा, श्री राहुल कराड, श्री अशोक चितले, श्री योगेश जगदाले, श्री योगेश कुमठ ने भी सम्बोधित किया।इस अवसर पर बड़ी सख्या में शिक्षक अभिभावक और विद्यार्थी मौजूद थे।

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