दिव्यांगता शरीर में नहीं व्यक्ति की सोच में रहती है- अंतर्राष्ट्रीय पैरा तैराक सतेंद्र सिंह लोहिया

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस उपलब्धि पर विक्रम अवार्डी तैराक लोहिया को पांच लाख रुपए का पुरस्कार भी दिया। लोहिया वाणिज्यिक कर विभाग इंदौर में पदस्थ हैं।

इंदौर। अंतर्राष्ट्रीय पैरा तैराक सतेंद्र सिंह लोहिया ने कहा कि दिव्यांगता एक सोच है जो व्यक्ति के दिमाग में रहती है। दृढ़ संकल्पित व्यक्ति मन में ठान ले तो दुनिया में कुछ भी कर पाना असंभव नहीं है। लोहिया मंगलवार को साकेत क्लब में स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. एवं साकेत क्लब ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित तीन सप्ताह के निःशुल्क तैराकी प्रशिक्षण शिविर के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

लोहिया ने बताया कि पैरों में विकलांगता होने के बावजूद उन्होंने भिंड जिले के तालाब में तैराकी सीखी और बड़ा तैराक बनने का सपना संजोया। उस वक्त लोग मुझे पर या तो दया दिखाते या फब्तियां कसते लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी। भिंड से ग्वालियर आकर पैरा खिलाड़ियों के मार्गदर्शक वी के डवास के सानिध्य में रह कर तैराकी का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ष 2009 में राष्ट्रीय पैरा तैराकी प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया, यह सिलसिला आज तक जारी है। उन्होंने बताया कि इस दरमियान उन्होंने इंग्लिश चैनल, कैटरीना चैनल और अरेबियन चैनल में लंबी दूरी की तैराकी करके सबको हैरत में डाल दिया। इस असाधारण उपलब्धि के लिए राष्ट्रपति ने उन्हें तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार से सम्मानित किया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस उपलब्धि पर विक्रम अवार्डी तैराक लोहिया को पांच लाख रुपए का पुरस्कार भी दिया। लोहिया वाणिज्यिक कर विभाग इंदौर में पदस्थ हैं।

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लोहिया ने बताया कि वे आगामी सितम्बर माह में नार्थ चैनल, आइलैंड में 36 किमी. लंबी तैराकी के लिए इन दिनों कड़ी मेहनत कर रहे हैं। लोहिया ने कहा कि देश में खूब प्रतिभा है लेकिन उन्हें अवसर और मार्गदर्शन नहीं मिल रहा। हमें अवसर मिला तो हम आगे बढ़ गए। जहाँ चाह होती है वहां राह को निकलना ही पड़ता है। मेरे पैर स्वस्थ नहीं है लेकिन सोच ऊँची है। लोहिया ने ऐसे शिविरों के आयोजन के लिए स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह खाद-पानी देने से पौधा बढ़ता है उसी तरह प्रशिक्षण शिविर में बच्चों को आगे बढ़ने की ललक जगती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में तैराकी अवश्य सीखना चाहिए ताकि असामयिक दुर्घटनाओं से वे बच सकें एवं दूसरों को भी बचा सकें।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि थे साकेत क्लब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष जया सालगिया, संयुक्त सचिव हिमांशु सिंघी, ट्रस्टी राजेश अग्रवाल, महावीर स्पोर्ट्स के मैनेजर मोहम्मद वाजिद एवं नेपच्यून कन्फेक्शनरी के डायरेक्टर हरीश कस्तूरी।
इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल करने पर स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. ने सतेंद्र सिंह लोहिया को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वरिष्ठ पत्रकार रचना जौहरी और सोनाली यादव ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। शिविर में प्रशिक्षण देने वाले पूर्व राष्ट्रीय तैराक अनिल दराड़े एवं निर्मला दराड़े का भी सम्मान किया गया। वरिष्ठ फोटोग्राफर प्रवीण बरनाले एवं राकेश द्विवेदी ने दराड़े दंपत्ति का सम्मान किया।

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शिविर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थी डेलिसा लिम्बोदिया (प्रथम), आराध्या शर्मा (द्वितीय), तनिष्क यादव (तृतीय), पियूषा राठौर (विशेष पुरस्कार), लक्ष्य बरनाले, रिद्धि जलधारी, सार्थक जैन, शुद्धि सिंह एवं राघव सिंह यादव (प्रोत्साहन पुरस्कार) को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। शिविर में भाग लेने वाले सभी प्रशिक्षणार्थी को उपहार एवं प्रमाण-पत्र भी दिए गए। प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत कमल कस्तूरी, नवनीत शुक्ला, गणेश एस चौधरी, मनोहर लिम्बोदिया, प्रवीण धनोतिया, प्रभात जैन, बंसीलाल लालवानी, योगेश राठौर, मोहित गर्ग एवं जयेश मालवीय ने किया। कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष प्रवीण कुमार खारीवाल ने किया। अंत में मुख्य महासचिव नवनीत शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।