दुनिया के कई देशों में कोरोना का खतरा बढ़ने के साथ ही भारत में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। शनिवार से नए दिशा-निर्देशों के तहत दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, इंदौर और गोवा समेत हवाईअड्डों पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कोरोना टेस्टिंग शुरू हुई है, जिसमें प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में आने वाले यात्रियों के दो प्रतिशत के टेस्ट पर जोर दिया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को बताया था कि चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और थाईलैंड के यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य की जाएगी। इन देशों से भारत आने वाले यात्रियों को कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने या बुखार होने पर अलग रखा जाएगा। इस बीच खबर आई है कि बिहार के बोधगया में 11 विदेशी कोरोना संक्रमित मिले हैं। यह सभी बोधगया में आयोजित बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के टीचिंग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 24 दिसंबर को भारत आए थे। इनमें एक इंग्लैंड और 10 म्यांमार व बैंकॉक के पर्यटक संक्रमित मिले हैं। सभी के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं।

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कुछ देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। केंद्र सरकार के निर्देश पर एयरपोर्ट से लेकर राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों में मॉक ड्रिल किया जा रहा है। दिल्ली के स्वास्थ्य सचिव अमित सिंगला ने सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें अस्पतालों का दौरा करने के निर्देश दिए। वहां उपलब्ध बेड और उपकरणों की सूची तैयार करने के लिए कहा है।

कोरोना को लेकर भविष्यवाणी

बता दें, चीन में कोरोना वायरस से बिगड़ते हालात के बीच अब इसका खतरा दुनिया भर के देशों पर मंडराने लगा है। चीन के साथ-साथ जापान, साउथ कोरिया और अमेरिका में भी कोरोना के केसों में तेज वृद्धि देखने को मिल रही है। वहीं भारत में भी अब कोरोना केस सामने आ रहे हैं। इस बीच अमेरिका के महामारी वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी की है कि चीन और दुनिया के बाकी देशों में फिर से कहर मचाने के लिए तैयार कोरोनो महामारी की नई और बेहद खतरनाक लहर अगले तीन महीनों में लाखों लोगों की जान ले सकती है।