लम्पी वायरस के नियंत्रण के लिए सीएम चौहान ने ली आज तीसरी बैठक, कहा पूरी गंभीरता से लें इस बिमारी को

लम्पी वायरस के प्रकोप से मवेशियों को बचाने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा अधिकारीयों की अब तक तीन बैठकें ली जा चुकी है। तीसरी बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारीयों को निर्देशित करते हुए कहा -उपायों की जानकारी पशुपालकों को दें,ग्राम सभा बुलाकर भी सूचित करें।

देशभर में लम्पी (Lumpi) स्किन वायरस का प्रकोप भयानक रूप में जारी है। दुधारू पशुओं में होने वाले इस भयानक स्किन रोग के संक्रमण से अभी तक देश में हजारों से लेकर लाखों मवेशियों ने अपने प्राण त्यागे हैं। देश के कई राज्यों में इस वायरस का संक्रमण देखा जा रहा है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पंजाब और राजस्थान हैं इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रेश में भी इस वायरस के संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं।

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान ने ली तीन बैठकें

लम्पी वायरस के प्रकोप से मवेशियों को बचाने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा अधिकारीयों की अब तक तीन बैठकें ली जा चुकी है। तीसरी बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारीयों को निर्देशित करते हुए कहा -उपायों की जानकारी पशुपालकों को दें,ग्राम सभा बुलाकर भी सूचित करें। गौ शालाओ में टीकाकरण हो। पूरी गंभीरता से लें,छिपाए नहीं। लोगों को जागरूक करें। संक्रमित पशुओं का आवागमन प्रतिबंधित करे। प्रदेश के 26 जिलों में 7686 पशु प्रभावित हुए जिसमें 5432 पशु ठीक हुए है इसके अलावा आज दिनांक तक 101 पशुओं की मृत्यु हुई है।

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रोग के प्रमुख लक्षण

संक्रमित पशु को हल्का बुखार होना। मुँह से अत्यधिक लार तथा आंखों एवं नाक से पानी बहना। लिंफ नोड्स तथा पैरों में सूजन एवं दुग्ध उत्पादन में गिरावट।
गर्भित पशुओं में गर्भपात एवं कभी-कभी पशु की मृत्यु होना। पशु के शरीर पर त्वचा में बड़ी संख्या में 02 से 05 सेंटीमीटर आकार की गठानें बन जाना।

रोकथाम और बचाव के उपाय

संक्रमित पशु / पशुओं के झुण्ड को स्वस्थ पशुओं से पृथक रखना। कीटनाशक और विषाणु नाशक से पशुओं के परजीवी कीट, किलनी, मक्खी, मच्छर आदि को नष्ट करना। पशुओं के आवास- बाड़े की साफ सफाई रखना। संक्रमित क्षेत्र से अन्य क्षेत्रों में पशुओं के आवागमन को रोका जाना। रोग के लक्षण दिखाई देने पर अविलंब पशु चिकित्सक से उपचार कराना। क्षेत्र में बीमारी का प्रकोप थमने तक पशुओं के बाजार, मेले आयोजन तथा पशुओं के क्रय-विक्रय आदि को रोकना। स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण कराना।

प्रदेश में अलर्ट जारी

पशुपालन एवं डेयरी विभाग मध्यप्रदेश द्वारा प्रदेश में रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु अलर्ट जारी कर विशेष सतर्कता रखी जा रही है। संक्रमित क्षेत्रों तथा जिलों में पशुओं का सघन टीकाकरण तथा चिकित्सा कार्य किया जा रहा है। पशुओं में लंपी स्किन रोग के लक्षण दिखाई देने पर निकटतम पशु औषधालय, पशु चिकित्सालय में संपर्क करें।

ये है टोल फ्री नंबर

मुख्यमंत्री के निर्देश पर भोपाल में राज्य स्तरीय रोग नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक जारी किए गए हैं जिसके लिए 0755-2767583 दूरभाष नंबर और
टोल फ्री नंबर 1962 पर सम्पर्क कर सकते हैं।