साहित्य

‘कोरोनाकाल एवं साहित्यग्राम’ पुस्तक का हुआ विमोचन

‘कोरोनाकाल एवं साहित्यग्राम’ पुस्तक का हुआ विमोचन

By Akanksha Jain—October 5, 2020

इंदौर। कोरोना संक्रमण काल के दौरान लगे लॉक डाउन में मातृभाषा.कॉम से जुड़े रचनाकारों द्वारा किए उत्कृष्ट सृजन को संस्मय प्रकाशन द्वारा पुस्तकबद्ध किया गया, इस पुस्तक का विमोचन साहित्य

ये सब मैकाले की करतूत है..

ये सब मैकाले की करतूत है..

By Ayushi Jain—October 4, 2020

साँच कहै ता/जयराम शुक्ल ये ससुरे मैकाले ने हमारी शिक्षा व्यवस्था का बेडा गर्क कर दिया वरना अपन कबके विश्वगुरु हो गए होते…जब भारत में प्राथमिक शिक्षा के स्तर के

पिता पुत्री संवाद

पिता पुत्री संवाद

By Ayushi Jain—October 4, 2020

डर नही लगता मुझेअंधेरे सेना डरती हूँ मैंभालू या शेर से ,फिर क्यो मुझेरोकते होटोकते होमैं उड़ना चाहती हूँखुले आसमान मेंअपने पंख पसार ,मुझे अच्छा लगता हैभटकना तितली सा ,मैं

शिखंडी…

By Shivani Rathore—October 3, 2020

धिक्कार है मुझ परधिक्कार है मेरे होने परशर्मसार हूँ मैं ,पुरुष होने पर । वहशी ,दरिंदा ,नरपिशाचदो क्षण में हो जाता हूँ ,भाई ,बेटा ,पितानही हो पातातुझे विपत्ति में होने

सुनो मेरी बिटिया

सुनो मेरी बिटिया

By Shivani Rathore—October 3, 2020

तुम छूना चाहती होसूरज को , जरूर छुओपर अपने पंखबचाये रखना ।मेरी हर नसीहत कोराह का रोड़ा समझती होनही दूंगा आज सेपर अपना विवेकहर पल जगाए रखना । जो दिखता

सुंदर हो तुम

सुंदर हो तुम

By Akanksha Jain—September 29, 2020

यूंही कह दो ना आज, कि सुंदर हो तुम। उलझी हुई सी भागती दौड़ती भी, पसंद हो मुझे। हर वक़्त सजी संवरी गुड़िया सी मत बनो। खोल दो जुल्फों को

इंदौर का साहित्यिक परिदृश्य एक

By Shivani Rathore—September 26, 2020

इंदौर : 70 के दशक में इंदौर का साहित्यिक परिदृश्य एक अलग मायने रखता था देश के जाने माने साहित्यकार हरि कृष्ण प्रेमी से लेकर डॉ गणेश दत्त त्रिपाठी श्यामसुंदर

कविता: प्रेम

कविता: प्रेम

By Akanksha Jain—September 26, 2020

प्रेम में पड़कर मसरूफ़ सा है, प्रेमी इसमें कुछ रूह सा है प्रेम कभी जताता नहीं, अफ़सोस करना सीखाता नहीं। प्रेम के किस्से कई हैं, बातें कई , कितने ही

एकाकी परिवार

एकाकी परिवार

By Mohit Devkar—September 17, 2020

लेखक : कमलगुप्ता “विश्वबंधु “ जीव अकेला आया है अकेला ही जायेगा। आत्मा सर्वथा निर्लिप्त है। संसार के सभी बन्धन मिथ्या है। माता-पिता जीव के प्रादुर्भाव के निमित्त है। ईश्वर

संयुक्त परिवार

संयुक्त परिवार

By Mohit Devkar—September 17, 2020

लेखक : कमलगुप्ता “विश्वबंधु” बाबर जब हिन्दुस्तान में प्रवेश कर ही रहा था कि उसने एक पहाड़ी गांव में जगह जगह से धुआं उठते देख स्थानिय लोगों से पूछा ये

बूंदों की सवारी

बूंदों की सवारी

By Akanksha Jain—September 8, 2020

सुनो बच्चों, चलो आओ…मैं, तुम्हें बारिश की बूंदों से मिलवाता हूं, कुछ ठंडी, कुछ चुटीली सी, बूंदे जो न केवल हमें, बल्कि समूचे जगत में नवजीवन और प्राण फूंकती है

आखिर कब तक

आखिर कब तक

By Ayushi Jain—September 8, 2020

कविता आखिर कब तक गिद्धों से मैं अपना वर्चस्व बचाऊंगी, आखिर कब तक सीता की तरह अग्नि परीक्षा देती जाऊंगी। क्या इतने युगों के तप मेरे, अकारण ही सब व्यर्थ

दुनिया में हिंदी के 100 बड़े रचनाकारों में इंदौर के शरद पगारे शामिल

दुनिया में हिंदी के 100 बड़े रचनाकारों में इंदौर के शरद पगारे शामिल

By Akanksha Jain—September 8, 2020

इंदौर। बहुत प्रसन्नता का विषय है कि हिंदी के विश्व में 100 बड़े रचनाकारों में इंदौर के शरद पगारे को स्थान मिला है। विश्व में वर्तमान में हिंदी के 100

शिक्षक दिवस पर इंदौर की शिक्षिका की ये बेहतरीन कविता

शिक्षक दिवस पर इंदौर की शिक्षिका की ये बेहतरीन कविता

By Mohit Devkar—September 5, 2020

करिश्मा बोराना (शिक्षिका) निराशा में आशा के फूल खिलाए, अंधेरों में रोशनी के दीए जलाए, कभी प्यार तो कभी डांट से हमेशा सही राह बताए, सच में झूठ की पहचान

मिलेगी सजा कभी न बोलने की भी!

मिलेगी सजा कभी न बोलने की भी!

By Mohit Devkar—August 1, 2020

श्रवण गर्ग है सबसे आसान काम रह जाना चुप होकर उससे भी है आसान हो जाना चुप पूरी तरह देख लेना ! भूल ही जाएँगे सब किसी दिन ! होता

सुशांत के पिता ने रिया के खिलाफ दर्ज करवाया केस, बयान में कहा – मेरे बेटे को दी थी बर्बाद करने की धमकी

सुशांत के पिता ने रिया के खिलाफ दर्ज करवाया केस, बयान में कहा – मेरे बेटे को दी थी बर्बाद करने की धमकी

By Ayushi Jain—July 29, 2020

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड मिस्ट्री में एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल, सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में सुशांत के पिता ने उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती पर सनसनीखेज आरोप

रोजी, रोटी जिन्दा रहने की जरुरत हैं

रोजी, रोटी जिन्दा रहने की जरुरत हैं

By Ayushi Jain—July 25, 2020

अनिल त्रिवेदी सब लोग एक समान आर्थिक परिस्थिति के नहीं होते हैं।आज की हमारी दुनिया में अति सम्पन्न से लेकर ,अति विपन्न आर्थिक परिस्थिति के लोग , अपना अपना जीवन

कठ पुतली का खेल?

कठ पुतली का खेल?

By Ayushi Jain—July 25, 2020

शशिकान्त गुप्ते का व्यंग्य कठ पुतलियों के खेल की शुरुआत राजस्थान से हुई है।काठ की पुतलियों को डोर से बांध कर नचाया जाता है। पूर्व में शहरों के गलियों में

शरद पवार: राम मंदिर पर सही सवाल या सत्ता बचाने नई चाल ?

शरद पवार: राम मंदिर पर सही सवाल या सत्ता बचाने नई चाल ?

By Ayushi Jain—July 21, 2020

अजय बोकिल अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास के कुछ घंटों पहले देश के बुजुर्ग नेता शरद पवार ने यह बयान देकर मोदी सरकार पर तीखा हमला किया कि कुछ लोग

बुझे चूल्हे, बस्तियां और औरतें

बुझे चूल्हे, बस्तियां और औरतें

By Akanksha Jain—July 20, 2020

अंगारे थे अभी भी ढेर सारे बाक़ी अभागी हथेलियों पर धधकते हुए पता ही नहीं चला और बंट भी गए सारे के ही सारे चूल्हे आपस में ! बांट ली