एमपी में गर्मी का असर तेज, नर्मदापुरम में पारा 40 के करीब, 15 जिलों में तापमान 35°C पार, जानें मौसम विभाग का पूर्वानुमान

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By Raj RathorePublished On: March 6, 2026

मध्यप्रदेश में मौसम ने मार्च की शुरुआत में ही तेज गर्मी का संकेत दे दिया है। दिन के तापमान में अचानक बढ़ोतरी से आम जनजीवन पर असर दिखने लगा है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 15 जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया है। मौजूदा रफ्तार बनी रही तो अगले कुछ दिनों में कई इलाकों में पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच सकता है।

भोपाल मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार, 5 मार्च 2026 को नर्मदापुरम राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। पिछले 24 घंटे में यही तापमान 37.7 डिग्री था। यानी एक दिन में करीब डेढ़ डिग्री से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

तापमान के रुझान से यह साफ है कि गर्मी का ग्राफ सामान्य से तेज रफ्तार से ऊपर जा रहा है। मार्च के शुरुआती सप्ताह में इतनी तेजी से पारा बढ़ना आमतौर पर आगे के हफ्तों के लिए संकेत माना जाता है। विभाग के मुताबिक इस समय आकाश साफ रहने से दिन का तापमान तेजी से चढ़ रहा है और दोपहर के घंटों में गर्मी का असर ज्यादा महसूस हो रहा है।

राज्य के सबसे गर्म शहरों में नर्मदापुरम सबसे ऊपर

ताजा आंकड़ों में नर्मदापुरम के बाद खजुराहो 36.8 डिग्री पर रहा। धार में 36.6 डिग्री दर्ज हुआ। श्योपुर, दमोद और सागर में तापमान 36.4 डिग्री तक पहुंचा। रतलाम में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि गर्मी सिर्फ एक-दो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग भौगोलिक हिस्सों में एक साथ असर दिख रहा है।

मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि राज्य में गर्मी का असर बढ़ चुका है और अगले कुछ दिनों में तापमान और ऊपर जा सकता है। विभाग ने साफ मौसम की स्थिति को बढ़ते तापमान की बड़ी वजह माना है।

“मौसम पूरी तरह साफ है। अगले कुछ दिन में 2 से 3 डिग्री तक तापमान बढ़ने के आसार हैं। सुबह 11 से दोपहर 3 बजे के बीच बाहर निकलते समय कॉटन के कपड़े पहनें और ज्यादा सादा पानी पिएं।” — डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन, सीनियर वैज्ञानिक, मौसम विभाग

कई संभागों में सामान्य से ऊपर चल रहा तापमान

राज्य के अलग-अलग संभागों में भी तापमान सामान्य स्तर से ऊपर दर्ज हो रहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.8 से 2.7 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। वहीं ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में यह अंतर करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। ग्वालियर संभाग के जिलों में हालिया अवधि में 2.2 डिग्री सेल्सियस तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि दिन के समय तेज धूप और साफ आसमान के चलते सतही तापमान तेजी से ऊपर जाता है। सुबह और देर शाम के मुकाबले दोपहर में गर्मी का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में कार्यस्थल, बाजार और यात्रा से जुड़े लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। विभाग ने खास तौर पर बुजुर्गों, बच्चों और धूप में काम करने वालों को पर्याप्त पानी लेने और जरूरत पड़ने पर ही धूप में निकलने की सलाह दी है।

फिलहाल मौसम विभाग ने किसी बड़ी वर्षा प्रणाली के संकेत नहीं दिए हैं। इसलिए निकट अवधि में गर्मी का रुख कमजोर पड़ने के आसार कम दिख रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में दिन के तापमान पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि अभी से कई शहरों में मार्च के लिए ऊंचे स्तर दर्ज होने लगे हैं। यदि आगामी दिनों में 2 से 3 डिग्री की अतिरिक्त बढ़ोतरी होती है, तो प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है।