Indore News : शहर की सबसे बड़ी फल एवं सब्जी मंडियों में शामिल चोइथराम मंडी इन दिनों बदहाल सुरक्षा व्यवस्था और लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर सुर्खियों में है। मंडी परिसर में आए दिन हो रही चोरी, चाकूबाजी, अवैध वसूली और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों से व्यापारी, किसान और कर्मचारी भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं।
बताया जा रहा है कि मंडी परिसर में लंबे समय से सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है। मंडी में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती नहीं होने के कारण असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। कई व्यापारियों का आरोप है कि रात के समय मंडी में चोरी और मारपीट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।
असामाजिक तत्वों का बढ़ता दबदबा
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मंडी परिसर में अवैध वसूली का खेल भी तेजी से चल रहा है। किसानों से जबरन पैसे वसूले जा रहे हैं और विरोध करने पर उन्हें धमकियां दी जाती हैं। व्यापारियों का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है, जबकि मंडी में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है।
मंडी में आने वाले किसानों का कहना है कि रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही के बावजूद यहां किसी प्रकार की प्रभावी निगरानी नहीं है। कई बार विवाद की स्थिति बनने पर समय पर पुलिस सहायता भी उपलब्ध नहीं हो पाती, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
आंदोलन की चेतावनी
मंडी से जुड़े लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी परिसर में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाए, अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई हो और किसानों व व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही मंडी परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और रात्रि गश्त को मजबूत करने की भी मांग उठाई गई है।
किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो मंडी प्रशासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। व्यापारियों और किसानों का कहना है कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक मंडी में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहेगा।











