MP News : भिंड में देहात थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए हनीट्रैप गैंग की जांच में एक बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। गिरोह की एक महिला सदस्य मेडिकल जांच में एचआईवी (HIV) पॉजिटिव पाई गई है। जिला अस्पताल में हुई जांच और पूछताछ में यह सामने आया कि महिला पिछले करीब तीन साल से इस बीमारी का इलाज भी करवा रही थी।
इस खुलासे के बाद गैंग का शिकार बने लोगों की चिंता और बढ़ गई है। मामला अब सिर्फ ब्लैकमेलिंग और उगाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा का गंभीर विषय भी बन गया है।
रसूखदारों को बनाते थे निशाना
पुलिस ने अब तक इस मामले में दो महिलाओं और दो पुरुषों समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह प्रभावशाली और रसूखदार लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो और फोटो तैयार करता था।
इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़ितों से लाखों रुपये की उगाही की जाती थी।
मोबाइल और लैपटॉप से मिले अहम सबूत
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए हैं। जांच के दौरान इनमें बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो, फोटो और पैसों के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गैंग ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इसका नेटवर्क किन-किन जिलों तक फैला हुआ है।
वकील की भूमिका भी जांच के घेरे में
मामले की जांच के दौरान एक अधिवक्ता का नाम भी सामने आया है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि ब्लैकमेलिंग से वसूली गई रकम के लेनदेन में उसकी क्या भूमिका रही।
गिरफ्तार महिला के HIV संक्रमित पाए जाने के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इस पहलू की भी जांच कर रहे हैं कि महिला के संपर्क में कितने लोग आए थे। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।











