इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक महिला द्वारा पार्षद पति के खिलाफ की गई शिकायत का मामला सामने आया है। मामला थाने तक पहुंचा, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया। पुलिस ने महिला के बदले हुए बयानों के आधार पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की।
एडिशनल डीसीपी प्रियंका डूडवे के अनुसार, महिला ने पार्षद पति सुभाष सुनेर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि इलाके में पानी के टैंकर बांटे जा रहे थे, उसी दौरान सुभाष सुनेर अचानक उसके घर पहुंच गए।
निजी सवाल पूछने के आरोप
महिला ने मीडिया को बताया था कि पहले उसे फोन किया गया और बाद में पार्षद पति उसके घर पहुंचे। महिला के अनुसार, उन्होंने पानी मांगा और घर के अंदर बैठकर परिवार और निजी जीवन से जुड़े सवाल पूछे।
महिला का आरोप था कि उससे पूछा गया कि उसके पति क्या करते हैं, घर में कौन-कौन रहता है, क्या वह किसी से बातचीत करती है और क्या वह दोस्ती करेगी। महिला ने यह भी दावा किया कि जाते समय उससे कहा गया कि यह बातें किसी को न बताए।
नहीं हुई FIR
पुलिस के मुताबिक जब महिला के बयान दर्ज किए गए तो उसने कहा कि वह इस बात से नाराज थी कि पार्षद पति बिना बताए उसके घर पहुंच गए थे। इसी नाराजगी में उसने शिकायत की थी।
एरोड्रम थाना प्रभारी वेंद्रद सिंह कुशवाह ने बताया कि बाद में महिला ने कार्रवाई से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और मामला खत्म कर दिया गया।
कांग्रेस से भाजपा में आई थी पार्षद
बताया जा रहा है कि सुभाष सुनेर पार्षद ममता सुनेर के पति हैं। ममता सुनेर ने पहले कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गई थीं। उस समय पार्टी बदलने को लेकर भी राजनीतिक विवाद सामने आया था।











