सोने से भी महंगा हरा शहद, हिमालय की ऊंचाइयों से आने वाला दुनिया का सबसे दुर्लभ हनी

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By Praveen ShuklaPublished On: January 7, 2026

सोना-चांदी जहां आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है, वहीं दुनिया में एक ऐसा शहद भी है जिसकी कीमत इन दोनों से ज्यादा है। हम अक्सर गोल्डन हनी के बारे में सुनते हैं, लेकिन हरे रंग का यह शहद यानी ग्रीन हनी बेहद खास और दुर्लभ माना जाता है। इसका रंग सामान्य शहद से बिल्कुल अलग होता है और यह आसानी से बाजार में उपलब्ध नहीं होता।

यह हरा शहद खास तरह के फूलों के नेक्टर से बनता है। जानकारी के मुताबिक, नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाले रोडोडेंड्रोन फूलों से मधुमक्खियां यह शहद तैयार करती हैं। 3500 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर चट्टानों पर मधुमक्खियां अपने छत्ते बनाती हैं। वहां के गुरुंग समुदाय के लोग जान जोखिम में डालकर खतरनाक चढ़ाई कर इस शहद को इकट्ठा करते हैं।

इस शहद की कीमत ज्यादा होने की एक बड़ी वजह यह भी है कि मधुमक्खियां अपने पूरे जीवन में मुश्किल से करीब 1 किलो शहद ही बना पाती हैं। यही कारण है कि प्राकृतिक ग्रीन हनी बेहद महंगा होता है। बताया जाता है कि असली हरे शहद की कीमत लगभग 100 ग्राम के लिए 200 डॉलर तक होती है। हालांकि बाजार में रंग मिलाकर बनाया गया सस्ता ग्रीन हनी भी बिकता है, इसलिए खरीदते समय सावधानी जरूरी है।

हरे रंग का यह नेचुरल शहद स्वाद में मीठा होता है और इसमें हल्का नशे जैसा असर भी पाया जाता है। माना जाता है कि यह इम्यूनिटी बढ़ाने और तनाव कम करने में मदद करता है। लेकिन ज्यादा मात्रा में इसका सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। भारत के हिमालयी जंगलों में भी जंगली शहद मिलता है, लेकिन असली हरा शहद बहुत ही कम और दुर्लभ माना जाता