इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से फैली बीमारी थमने का नाम नहीं ले रही है। क्षेत्र में उल्टी और दस्त के मरीजों का मिलना लगातार जारी है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई हैं। गुरुवार को भी यहां से 23 नए मरीज सामने आए, जिनमें उल्टी-दस्त के लक्षण पाए गए।
इन नए मरीजों में से छह की हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह रही कि बाकी मरीजों को प्राथमिक उपचार और दवाइयां देकर घर भेज दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं, लेकिन नए मामलों का आना स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
3300 के पार पहुंचा मरीजों का आंकड़ा
भागीरथपुरा में यह प्रकोप पिछले कुछ दिनों से जारी है। अब तक यहां से कुल 3300 से अधिक मरीज मिल चुके हैं। यह आंकड़ा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का बीमार होना क्षेत्र में जल आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आईसीयू में 10 मरीज भर्ती
बीमारी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी भी 10 मरीज इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती हैं। इनकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा, विभिन्न अस्पतालों के जनरल वार्ड में भी 35 मरीजों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
दूषित पानी बना मुख्य वजह
स्थानीय निवासियों और शुरुआती जांच के अनुसार, इस बीमारी का मुख्य कारण दूषित पानी की आपूर्ति है। गंदे पानी के सेवन से लोग लगातार डिहाइड्रेशन और पेट के संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक पानी की व्यवस्था और पाइपलाइनों की जांच का काम किया जा रहा है, लेकिन संक्रमण पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाया है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य अधिकारियों ने क्षेत्र के लोगों से पानी उबालकर पीने की अपील की है। साथ ही, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। प्रशासन की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं ताकि बीमार लोगों की पहचान समय रहते की जा सके।










