Heavy Rain Alert : देशभर में कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए मौसम को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, 9, 10 और 11 जनवरी को उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, कश्मीर, लद्दाख, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार और केरल में भारी बारिश होने की संभावना है। यह अलर्ट उन इलाकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है जो पहले से ही शीतलहर की चपेट में हैं।
साल 2025 में मानसून का प्रदर्शन देशभर में शानदार रहा था। कई राज्यों में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई थी। आमतौर पर मानसून की विदाई के बाद बारिश का सिलसिला थम जाता है, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग नजर आ रही है। मानसून सीजन बीतने के बाद भी बादलों का बरसना जारी है और अब नए साल 2026 में भी जोरदार बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है।
IMD ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने विशेष रूप से 9, 10 और 11 जनवरी की तारीखों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। इन तीन दिनों में मौसम के तेवर तल्ख रह सकते हैं। बारिश होने से तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का असर और तीखा हो जाएगा। पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का यह दौर जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
मानसून का बदला मिजाज
बीते साल मानसून के दौरान हुई अच्छी बारिश ने जहां खेती-किसानी को फायदा पहुंचाया, वहीं कुछ जगहों पर अतिवृष्टि से नुकसान भी हुआ था। अब जनवरी में हो रही यह बेमौसम बारिश रबी की फसलों के लिए मिश्रित परिणाम ला सकती है। कुछ फसलों के लिए यह पानी अमृत समान होगा, तो वहीं ओलावृष्टि की स्थिति में नुकसान भी संभव है।
ठंड और बारिश का डबल अटैक
वर्तमान में उत्तर भारत समेत कई राज्य घने कोहरे और भीषण सर्दी का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बारिश का यह नया सिस्टम ठंड को और बढ़ा सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के बदलते मिजाज के अनुसार अपनी यात्रा और दिनचर्या की योजना बनाएं।
मौसम विभाग लगातार सैटेलाइट इमेजरी और रडार डेटा के जरिए स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय प्रशासन को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनवरी की यह बारिश किन-किन क्षेत्रों में ज्यादा प्रभाव डालती है।









