एमपी में 36 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनेंगे 6 एक्सप्रेसवे, मिली मंजूरी

Author Picture
By Raj RathorePublished On: January 8, 2026
MP Expressway

MP Expressway : मध्य प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिहाज से आने वाला समय बेहद अहम होने वाला है। राज्य सरकार ने सड़क परिवहन को सुगम और तेज बनाने के लिए एक महत्वकांक्षी योजना तैयार की है। इसके तहत आगामी दो सालों के भीतर प्रदेश में छह प्रमुख एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 36,483 करोड़ रुपये आंकी गई है। इन नए मार्गों के बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि प्रदेश के औद्योगिकीकरण और पर्यटन को भी खासा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इन 6 एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी

  • 676 किलोमीटर लंबा विंध्य एक्सप्रेस वे जून 2028 तक बनाया जाएगा, 3809 करोड़ रुपए होंगे खर्च।
  • 450 किमी लंबा मालवा-निमाड़ विकासपथ दिसंबर 2027 तक बनाया जाएगा, 7972 करोड़ रुपए आएगी लागत।
  • 330 किलोमीटर लंबा बुंदेलखंड विकासपथ मार्ग जून 2028 तक बनाया जाएगा, 3357 करोड़ रुपए होंगे खर्च।
  • 12,227 करोड़ रुपए की लागत से 299 किलोमीटर लंबा अटल प्रगतिपथ बनाया जाएगा।
  • 3819 करोड़ रुपए खर्च करके 746 किलोमीटर लंबा मध्य भारत विकास पथ का निर्माण किया जाएगा।
  • 5299 करोड़ की लागत से 867 किलोमीटर लंबा नर्मदा प्रगतिपथ जून 2028 तक पूरा बनाया जाएगा।

पूरी तरह बदल जाएगी तस्वीर

सरकार की योजना के मुताबिक, वर्ष 2028 तक मध्य प्रदेश में एक्सप्रेस-वे का एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो जाएगा। ये सड़कें प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों को एक-दूसरे से और पड़ोसी राज्यों से जोड़ेंगी। अधिकारियों का मानना है कि इन एक्सप्रेस-वे के निर्माण से लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी और समय की भी काफी बचत होगी।

इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। इससे पहले भी प्रदेश में कई सड़क परियोजनाओं पर काम हुआ है, लेकिन एक साथ छह एक्सप्रेस-वे का निर्माण राज्य के इतिहास में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

विकास को मिलेगी नई दिशा

विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। मध्य प्रदेश, जो देश के मध्य में स्थित है, इन एक्सप्रेस-वे के जरिए देश के लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर सकता है। आगामी समय में इन परियोजनाओं की प्रगति और जमीन पर इनके उतरने की गति पर सभी की नजरें रहेंगी।