Indore Fire Tragedy : शहर की ब्रजेश्वरी कॉलोनी में एक दर्दनाक अग्निकांड ने पुगलिया परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। घर में लगी भीषण आग में परिवार के मुखिया मनोज पुगलिया और उनकी गर्भवती बहू सिमरन की दम घुटने से मौत हो गई। सिमरन चार महीने की गर्भवती थीं और इस हादसे ने उनके आने वाले बच्चे को भी दुनिया में आने से पहले ही छीन लिया।
यह हादसा उस वक्त हुआ जब परिवार के सदस्य और कुछ मेहमान घर में सो रहे थे। आग लगने के बाद घर में घना धुआं भर गया, जिससे नीचे की मंजिलों पर मौजूद लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। मनोज के तीनों बेटे और पत्नी किसी तरह छत पर पहुंचे और पड़ोसी की छत पर कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन सिमरन और मनोज बाहर नहीं निकल सके।
सामान लेने कमरे में लौटी थीं सिमरन
जानकारी के मुताबिक, आग लगने पर सिमरन के पति सौरभ ने उन्हें छत पर चलने के लिए कहा था। लेकिन सिमरन कुछ जरूरी सामान लेने के लिए वापस कमरे में चली गईं। इसी बीच, धुआं इतना बढ़ गया कि दम घुटने लगा और वह बाहर नहीं आ सकीं। तीन साल पहले ही सिमरन इस परिवार में बहू बनकर आई थीं। गर्भवती होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी, इसलिए वह नीचे की मंजिल पर थीं।
रिश्तेदार भी नहीं बच पाए
हादसे वाली रात मनोज पुगलिया के साले विजय सेठिया का परिवार भी घर पर मेहमान था। सभी ने देर रात तक बातें की और फिर अलग-अलग कमरों में सोने चले गए। आग लगने पर मची अफरातफरी में मेहमानों को छत पर जाने का मौका ही नहीं मिला, जिससे उनकी भी जान चली गई। इस घटना ने पुगलिया और सेठिया, दोनों परिवारों को तबाह कर दिया।
9 सिलेंडर मिले, एक में हुआ था विस्फोट
दमकल विभाग को घटनास्थल से 9 गैस सिलेंडर मिले, जिनमें से कुछ खाली थे। जांच में पता चला कि रसोई में रखे एक सिलेंडर में विस्फोट हुआ था। गनीमत रही कि आग बाकी सिलेंडरों तक नहीं पहुंची, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था।
सुबह करीब 8 बजे, मनोज के बेटे सौरभ कीमती सामान और जेवर निकालने के लिए जले हुए घर में वापस पहुंचे। उन्होंने बताया कि धुएं के कारण कुछ भी देख पाना और सांस लेना असंभव हो गया था। इस त्रासदी ने न केवल दो जिंदगियां छीनीं, बल्कि एक अजन्मे बच्चे की भी जान ले ली, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है।











