इंदौर में चार्जिंग के दौरान कार में लगी आग ने मचाई तबाही, सिलेंडर ब्लास्ट से 8 लोगों की हुई दर्दनाक मौत

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By Pinal PatidarPublished On: March 18, 2026

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के तिलक थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। बंगाली चौराहे के पास प्रीति नगर (छोटा राजवाड़ा क्षेत्र) में देर रात एक रिहायशी मकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में मौजूद लोगों को संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में मकान मालिक मनोज पुगलिया सहित कुल 8 लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक मासूम बच्चा भी शामिल है, जिससे घटना और भी ज्यादा मार्मिक हो गई है।

इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग बनी हादसे की वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घर के बाहर खड़ी एक इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया गया था। इसी दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पास के मकान को अपनी चपेट में ले लिया। विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक उपकरणों में लापरवाही या खराब वायरिंग इस तरह की घटनाओं को जन्म दे सकती है, और यही इस हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है।

गैस सिलेंडरों के धमाकों से मचा कोहराम

स्थिति तब और भयावह हो गई जब आग मकान के अंदर रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि घर में करीब 15 गैस सिलेंडर रखे हुए थे, जिनमें से 4 सिलेंडरों में एक के बाद एक जोरदार धमाके हुए। इन धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और आग ने और तेजी से फैलना शुरू कर दिया। सिलेंडर ब्लास्ट के कारण मकान का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और बचाव कार्य बेहद कठिन हो गया।

पारिवारिक आयोजन बना त्रासदी की वजह

जानकारी के अनुसार, पुगलिया परिवार में किसी पारिवारिक कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी, जिसके चलते कई रिश्तेदार भी उसी घर में ठहरे हुए थे। इसी कारण घर में लोगों की संख्या अधिक थी और हादसे में मृतकों की संख्या भी बढ़ गई। अगर उस समय इतने लोग घर में मौजूद न होते, तो शायद नुकसान कम हो सकता था। यह खुशी का माहौल कुछ ही पलों में मातम में बदल गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी पुलिस और राहत टीमें

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, फायर ब्रिगेड और एसडीईआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पांच से अधिक दमकल गाड़ियों को आग बुझाने में लगाया गया। रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद अब तक 8 शवों को बाहर निकाला है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस कमिश्नर और कलेक्टर भी देर रात से मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

घने धुएं ने बचाव कार्य को बनाया चुनौतीपूर्ण

आग के साथ-साथ उठे घने धुएं ने राहत और बचाव कार्य को और भी मुश्किल बना दिया। दमकल कर्मियों और पुलिसकर्मियों को अंदर जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जवानों को धुएं के कारण घुटन महसूस हुई और कुछ को मामूली चोटें भी आईं। बावजूद इसके, टीमों ने लगातार प्रयास करते हुए आग पर काबू पाया और लोगों को बाहर निकालने का काम जारी रखा।

प्रशासन की जांच जारी, शॉर्ट सर्किट पर शक

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि घर में इतने अधिक गैस सिलेंडर क्यों रखे गए थे और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। इस हादसे ने शहर में सुरक्षा व्यवस्थाओं और इलेक्ट्रिक उपकरणों के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।