हद दर्जे की बेवकूफी है भाई…

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अभी कुछ दिनों से हमारे मीडिया के साथी मप्र के भिंड जिले के 24 साल के युवा लड़के को usain bolt (दुनियां का सबसे तेज धावक) बनाने पर तूल गए। खबर चली… तो दिल्ली तक गई। एक पत्रकार मित्र ने twitter पर वीडियो post कर उसे देश का सबसे तेज धावक करार दे दिया। दो पूर्व मुख्यमंत्री भी आनन-फानन में उसे लग गए usain bolt बनाने में। खबर दिल्ली तक पहुंची… केन्द्रीय खेल मंत्री किरण रिजीजू भी हरकत में आए और उसे एथलेटिक्स अकादमी में भर्ती करने के लिए SAI BHOPAL को फरमान भेज दिया. एक बार लगा कि अब हम ओलंपिक में 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक लेकर इतिहास बना लेंगे। मैं भी रोमांचित हुआ. फिर मैंने उम्र पूछा.. बताया 24 साल… मैंने कहा ये तो एथलीट के संन्यास की उम्र है। और अगर वो 100 मीटर दौड़ने में 11 सेकंड ले रहा है तो कोई अजूबा नहीं कर रहा है। मुझे नन्हें बुधिया की कहानी याद आ गई। खैर बुधिया को छोड़िए. हम अपने धवाक रामेश्वर गुर्जर की बात करते हैं।

रामेश्वर की कहानी twitter से शुरू हुई थी… अब दौड़ लगाने की बारी हमारे मीडिया भाईयों की थी… पहुंच गए अपने प्रदेश के खेलमंत्री के पास और लगे सवाल दागने… आपके प्रदेश में एक usain bolt है और आपको पता नहीं… केन्द्रीय खेलमंत्री उसे दिल्ली बुला रहे हैं और आप उसके लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं… आपकी सरकार ग्रामीण प्रतिभा पर ध्यान नहीं दे रही है… आदि आदि सवाल… मंत्री जी घबराए और कहा 4 घंटे के अंदर वो अपना usiain bolt मेरे पास होगा… हम उसे हर सुविधा देंगे… 4 घंटे बाद वो धावक मंत्री जी के पास था… नेशनल मीडिया… International news agency सब मंत्री जी और हमारे usain bolt से साक्षात्कार ले रहे थे… भविष्य तय किया जा रहा था.. मैं खड़ा सब देख रहा था..

चलिए अब परिणाम आ चुका है… भिंड के रामेश्वर गुर्जर का आज सुबह मंत्री जी के सामने दौड़ करवाई गई… रामेश्वर के अलावा 6 और प्रतिभागी इस दौड़ में शामिल हुए। SAI और मप्र खेल विभाग के कोच और time keeper इस दौड़ को परखने के लिए मौजूद थे… परिणाम ढाक के तीन पात… अपना usain bolt सबसे आखिरी नंबर पर आया.. और समय लिया 12.9 सेकंड। एक लड़की भी साथ दौड़ी और वो भी उससे आगे रही…

Twitter महाराज की जय हो…

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