Samsung, LG, Xiaomi जैसे कई अन्य Android Smartphone यूजर्स को अभी सावधान रहने की आवश्यकता है.स्मार्टफोन के प्राइवेसी प्रोग्राम की जानकारी लीक हो गई है. इन मोबाइल उपभोक्ताओ पर Malware Attack का खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है. जिसका फायदा अब हैकर्स उठा सकते हैं. जिसके लिए अब एंड्राइड यूजर्स को अब साबधान रहने की आवश्यकता हैं. कुछ मीडिया सूत्रों की माने तो एक रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि हैकर्स लापरवाही का फायदा उठाकर फर्जी या मैलवेयर वाले ऐप्स को मोबाइल में ट्रस्टेड ऐप की तरह इंस्टॉल कर सकते हैं. जिसका बाद में इसका उपयोग कर मोबाइल को हैक किया जा सकता है. जिसको लेकर गूगल के ही एक इंजीनियर ने इस बड़ी जानकारी साझा किया है.

गूगल के एक मैलवेयर रिवर्स इंजीनियर ने ये बड़ी जानकारी साझा की हैं मोबाइल उपभोक्ता द्धारा की गई थोड़ी सी भी लापरवाही एक बड़ा अंजाम का रूप ले सकती हैं जिसका फायदा हैकर्स उठा सकते हैं. साथ ही हैकर्स मैलेशियस प्रोग्राम को भी प्रभावित डिवाइस सिस्टम के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं. जिसके लिए उन्होंने गूगल एंड्रॉयड पार्टनर वल्नरेबिलिटी इनिशिएटिव (APVI) की रिपोर्ट का हवाला भी दिया है.

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Google के इंजीनियर का ये बड़ा दावा

गूगल ऐप के इंजीनियर Łukasz Siewierski ने इस मुद्दे को लेकर कुछ जानकारिया ट्विटर पर भी शेयर की है.जिससे एक रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि कई एंड्रॉयड मोबाइल यूजर OEMs की प्लेटफॉर्म साइनिंग जैसी डिटेल्स लीक हो गई है.आपको बता दें कि एंड्रॉयड साइनिंग के लिए Key के उसी ऐप पर विश्वास करता है जिसका उपयोग ऑपरेटिंग सिस्टम पर साइन करने के लिए किया जाता है. ऐसे में खतरा ज्यादा बढ़ जाता है.

Key ही सुनिश्चित करती है कि डिवाइस पर चलने वाला एंड्रॉयड लीगल है या नहीं. वो चेक करता है और साथ ही डेवलपर को भी चेक करता है. वही अलग-अलग ऐप्स पर साइन करने के लिए एक ही Key का उपयोग किया जाता हैं.अब कई एंड्रॉयड ओईएम की Key प्राप्त हो चुकी है तो इसका उपयोग कर स्कैमर्स शेयर्ड यूजर आईडी सिस्टम तक पहुंचने के लिए ऐप साइन key का उपयोग कर सकते हैं.हैं. इससे वो यूजर के डिवाइस पर मौजूद सभी डेटा को हासिल कर सकते हैं.