Indore (आबिद कामदार):  कला को में चुनौती नहीं मानती में अभिनय को प्यार करती हूं, जिस किरदार को हम करते है उसे समझना जरूरी होता है, क्योंकि हम जिसका अभिनय करने वाले है वह एक आभास है या हमारे जीवन से नही है, यह बात मशहूर अभिनेत्री रोहिणी हट्टंगडी ने अपने साक्षात्कार के दौरान कही।

कला सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं है

अभिनय में मानव जीवन और समाज के अलग अलग पहलू पर विचार होता है, इसलिए इसे सिर्फ मनोरंजन का माध्यम समझना नाइंसाफी होगी। कला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है।

साउथ की फ़िल्मों के सफल होने के कारण में से कलाकार का एक वक्त में एक फिल्म में काम करना भी एक कारण है

मैने पहली फिल्म केनरा फिल्म की थी, वहा पहले भी और आज भी कई अभिनेता जब एक फिल्म करते है तो उसी पर काम करते है ना की एक साथ कई फिल्मे करते है। वहा की फ़िल्मों के सुपरहिट होने के कई कारण हो सकते है लेकिन एक वक्त में एक काम पूरी लगन से करना भी उनकी फिल्मों के सफल होने का कारण है। वहीं वह लोग कुछ नया करने की चाह में हमेशा रहते है, और बॉलीवुड में तो एक ही टॉपिक पर कई फिल्में बन जाती है। वहा रिस्क लेने पर सदा तैयार रहते है। साथ है वहां टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भी ज्यादा किया जाता है।

एक्टिंग क्लास से अच्छा एक्टर मिले न मिले एक अच्छा दर्शक मिलना चाहिए

आज हर चौराहे पर एक्टिंग क्लास खुल चुकी है, जिसमे से कुछ लोग है जो बच्चों को ऐक्टिंग सीखा रहे है, बाकी तो सब कमर्शियल हुए जा रहे है, मेरे पति भी एक्टिंग की क्लासेज चलाते है लेकिन हमारा मानना है कि हमें अच्छा कलाकार मिले न मिले एक अच्छा दर्शक जरूर मिलना चाहिए। थिएटर और फिल्म सिर्फ ग्लैमर नही है, इसके परे भी कुछ है।

स्मार्ट वर्क से ज्यादा जरूरी है हार्ड वर्क

स्मार्ट वर्किंग पर्सन तो बिजनेस को जानता है, हो सकता है कुछ समय स्मार्ट वर्क कर एक्टिंग में करियर बना ले लेकिन आगे जाकर उसे हार्ड वर्क के बिना सफलता नहीं मिलेगी। अभिनय संघर्ष मांगता है, ना की शोर्ट कट।