मालवांचल विश्वविद्यालय में रिसर्च मेथोडोलॉजी पर हुआ 2 दिन के वर्कशॉप का आयोजन

- रिसर्च के महत्व को प्रदर्शित करने को मालवांचल विश्वविद्यालय, इंडेक्स ग्रुप में वर्कशॉप का आयोजन, पहले दिन विशेषज्ञों ने रखी अपनी बात - रिसर्च मेथोडोलॉजी पर आयोजित वर्कशॉप का पहला दिन सफलतापूर्वक संपन्न

इंदौर : रिसर्च का महत्व वैसे तो हर क्षेत्र में होता है लेकिन मेडिकल के क्षेत्र में रिसर्च की उपयोगिता बहुत अधिक बढ़ जाती है। मेडिकल स्टूडेंट्स रिसर्च के महत्व को समझे और उसे उपयोग में लाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य दें इसके लिए मालवांचल विश्वविद्यालय, इंडेक्स ग्रुप इंदौर में 2 दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया ।

वर्कशॉप के शुभारंभ पर मालवांचल विश्वविद्यालय के चांसलर सुरेश सिंह भदौरिया, वाइस चेयरमैन मयंक राज सिंह भदौरिया, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जी.एस. पटेल, डॉ. सुधा श्रीवास्तव (एनएएसी & एनएबीएच डायरेक्टर, मालवांचल विश्वविद्यालय), डॉ. नियति (वाइस डीन – इंडेक्स मेडिकल कॉलेज), डॉ. स्मृति सोलोमोन (प्रिंसिपल – इंडेक्स नर्सिंग कॉलेज), डॉ. रेशमा खुराना (प्रिंसिपल – इंडेक्स फिजियोथेरेपी & पैरामेडिकल कॉलेज), डॉ. चित्रा खीरवड़कर (डिप्टी डायरेक्टर – इंडेक्स ग्रुप) के साथ ही सभी डिपार्टमेंट के हेड और डॉक्टर्स सम्मिलित हुए। मालवांचल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर एन. के. त्रिपाठी ने भी आयोजन की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।

मालवांचल विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. संजीव नारंग वर्कशॉप के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेट्री और श्रीमती दीपशिखा विनायक वर्कशॉप की कोऑर्डिनेटर रहेंगे। ऑर्गनाइजिंग कमेटी में डॉ. रामगुलाम राजदान (प्रो – वाइस- चांसलर), डॉ क्रिस्टोफर (रजिस्ट्रार), डॉ. विजेंद्र सिंह (एडिशनल रजिस्ट्रार) और डॉ. नेहा जायसवाल (साइंटिफिक ऑफिसर – इंडेक्स मेडिकल कॉलेज) शामिल है। असिस्टेंट रजिस्ट्रार मालवांचल विश्वविद्यालय, प्रोफेसर एंड हेड आईआईडीएस डॉ हेमानी सुखीजा ने वर्कशॉप की अहमियत को हाइलाइट किया।

रिसर्च मेथोडोलॉजी पर आयोजित हुई वर्कशॉप में पहले दिन के मुख्य वक्ता के रूप में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ संजय दीक्षित, डॉ. वी. के. अरोरा (एचओडी – कम्युनिटी मेडिसिन विभाग – इंडेक्स मेडिकल कॉलेज) और एमजीएम मेडिकल कॉलेज की डॉ. वीणा यसिकर (प्रोफेसर -कम्युनिटी मेडिसिन विभाग) मौजूद थे। इस वर्कशॉप में फैकल्टी मेंबर्स के साथ ही पीजी मेडिकल स्टूडेंट्स ने भी हिस्सा लिया। सत्र के पहले दिन उन्होंने रिसर्च के महत्व को विस्तार से समझाया।

मालवांचल विश्वविद्यालय के चांसलर श्री सुरेश सिंह भदौरिया ने वर्कशॉप में सभी को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि “मेडिकल के क्षेत्र में लगातार रिसर्च होती रहनी चाहिए। रिसर्च मेथोडोलॉजी को प्राथमिकता देते हुए ही इस वर्कशॉप का आयोजन किया गया है। निश्चित रूप से यह सभी विद्यार्थियों के लिए सार्थक सिद्ध होगी। और हम आने वाले समय में भी इस तरह की वर्कशॉप का आयोजन करते रहेंगे।”

इंडेक्स ग्रुप के वाइस चेयरमैन श्री मयंक राज सिंह भदौरिया ने कहा कि “यह वर्कशॉप के आयोजन के लिए सभी को बधाई और मुझे पूरी उम्मीद है कि आगे भी इस तरह की वर्कशॉप का आयोजन हम करते रहेंगे।”

इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जी. एस. पटेल ने कहा कि “मालवांचल विश्वविद्यालय की इंडेक्स इंस्टीट्यूशंस द्वारा हमेशा से विद्यार्थी हित में वर्कशॉप का आयोजन किया जाता है। इसलिए सभी आयोजक बधाई के पात्र है।”

पहले दिन के सत्र की शुरुआत में डॉ. संजय दीक्षित और डॉ. वीणा यसिकर ने रिसर्च मेथोडोलॉजी पर इंट्रोडक्शन दिया। डॉ. वी. के. अरोरा ने स्टडी डिज़ाइन एवं डिस्क्रिप्टिव डिज़ाइन स्टडीज़ पर व्याख्यान दिया। थिसिस की राइटिंग, लिटरेचर सर्च, एथिकल रिसर्च इशू पर डॉ. संजय दीक्षित और डॉ. वीणा यसिकर ने गहराई से अपना ज्ञान स्टूडेंट्स के सामने प्रस्तुत किया। डॉ. वी. के. अरोरा ने स्टडी डिजाइन – केस कंट्रोल स्टडीज़ एक्सपेरिमेंटल स्टडीज़ पर अपनी बात विस्तार से रखी।

डॉ. संजय दीक्षित ने कहा कि “रिसर्च ओरिएन्टेशन करना पीजी स्टूडेंट्स के लिए बहुत आवश्यक है। रिसर्च से नई-नई खोजें सामने आती है जो कि मरीजों के लिए बेहतर होती है। इस वर्कशॉप के लिए मैं श्री सुरेश सिंह भदौरिया और पूरी टीम को बधाई देता हूँ।”

डॉ. वीणा यसिकर ने वर्कशॉप में बताया कि “कैसे रिसर्च का टॉपिक चयन करना, कैसे उस टॉपिक पर काम करना है, कैसे सर्वे करना और कैसे अंत में उस टॉपिक की थीसिस तैयार करना है।” डॉ. वी. के. अरोरा ने कहा कि “यह वर्कशॉप सभी स्टूडेंट्स के लिए फायदेमंद है। इस वर्कशॉप में हमने स्टूडेंट्स को एनालिटिकल स्टडीज़, डिस्क्रिप्टिव स्टडीज़ और एक्सपेरिमेंटल स्टडीज़ के बारें में विस्तार से बताया।”

वर्कशॉप के दूसरे दिन गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज के डॉ. पुनीत गुप्ता (रीडर – पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग) अपना व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। यह जानकारी मालवांचल विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. संजीव नारंग ने दी। डॉ. नेहा जायसवाल ने कार्यक्रम का संचालन किया