टैक्स में उल्लंघन एवं उस पर पेनल्टी, कितनी लगेगी जाने

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नई दिल्ली। पेनल्टी के केस में आरम्भिक रूप से 21 तरह के उल्लंघन को इसमें बताया गया है जिसमे 10000 या टैक्स चोरी करने के बराबर (equivalent शब्द का उपयोग किया गया है), जो दोनों में ज्यादा हो,की पेनल्टी लगायी जाएगी. बाकि अन्य बहुत सारी बातो के लिए पेनल्टी अलग अलग जगह बत्तायी गई है जिसमे ऑफिसर को पेनल्टी लगाने के अधिकार दिए गए है।

1. बगेर बिल के माल बेच दिया या गलत बिल दे दिया
2.  बगेर माल बेचे बिल दे दिया
3.  टैक्स कलेक्ट करके रख लिया और देय तारीख से 3 माह के अन्दर तक भरा नहीं.
4. इस लॉ के विरुद्ध टैक्स कलेक्ट करके रख लिया और 3 माह तक भरा नहीं तो
5    टीडीएस  नहीं काटा या कम काटा और भरा भी नहीं
6    TCS नहीं काटा या कम काटा और भरा भी नहीं
7    बगेर माल प्राप्त किये इस लॉ के विरुद्ध ITC ले लिया
8    रिफंड फ्रॉड करके ले लिया
9    इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर ने ITC डिस्ट्रीब्यूट गलत कर दिया या ITC गलत ले लिया
10     टैक्स चोरी के उद्देश्य से रिकॉर्ड में हेर फेर किया
11     लॉ के अनुसार GST में रजिस्ट्रेशन कराना था ,नहीं कराया
12     रजिस्ट्रेशन के वक्त गलत जानकारी दी तो या गलत पेपर दिया
13     किसी ऑफिसर को उसकी ड्यूटी निभाने से यदि आप रोकते हो तो
14     माल का ट्रांसपोर्टेशन बगेर डॉक्यूमेंट के किया
15     टैक्स चोरी के उद्देश्य से टर्नओवर को छिपाया
16     बुक्स और अन्य जरुरी डॉक्यूमेंट नहीं रखे तो
17    किसी ऑफिसर को आवश्यक डॉक्यूमेंट नहीं दिए या किसी ऑफिसर को गलत डाक्यूमेंट्स   दिए है तो
18     ऑफिसर को लगता है की माल जब्ती योग्य है
19     दुसरे का रजिस्ट्रेशन न. का उपयोग कर लिया तो
20     किसी भी डॉक्यूमेंट में हाथ से हेर फेर किया तो
21     कोई माल जप्त किया और उसमे कोई छेड़ छाड़ की तो,

धारा 122(2) के अनुसार: अब यदि आपने गलत ITC ले लिया या उसका गलत उपयोग कर लिया, गलत तरीके से रिफंड ले लिया, या टैक्स का भुगतान नहीं किया या कम टैक्स का भुगतान किया, इन सब केस में यदि यह जानबूझकर नहि किया गया है  तो 10000 या 10% टैक्स चोरी का पेनल्टी के रूप में लगेगा।

यदि कोई व्यक्ति उपरोक्त 21 अफ्फेंस को करने में मदद करता है या किसी माल को ट्रांसपोर्ट कर रहा है और उसे मालूम है की ये लॉ के विरुध है और माल रस्ते में पकड़ा जा सकता है या कोई समन मिला और ऑफिसर के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ तो या इस लॉ के अनुसार इनवॉइस इशू नहीं किया तो इन सभी केस में (पेनल्टी राशी के लिए एक्सटेंडेड शब्द का प्रयोग किया है ) मतलब  0 से 25000/- तक की पेनल्टी लगेगी।

इस GST में कही इस लॉ के उल्लंघन के बारे में पेनल्टी के लिए कही भी नहीं लिखा है तो ऐसे केस में 0 से 25000/- तक की पेनल्टी लगायी जा सकती है. ये 0 से 25000 की पेनल्टी में ऑफिसर को उनकी इच्छा का अधिकार होने से वह पेनल्टी नहीं भी लगा सकता है  बहुत कम भी लगा सकता है या 25000 भी लगा सकता है।

माइनर मिस्टेक जो इसीली रेक्टीफाई की जा सकती है ऐसे केस में पेनल्टी नहीं लगायी जाएगी। अगर कोई return नहीं भरता है तो 100 रोज या मैक्सिमम 5000 लेट फीस लगेगीयदि किसी व्यक्ति ने उपरोक्त 21 उल्लंघन के लिए किसी की मदद की तो उसे भी 0 से 25000/- तक की पेनल्टी लगेगी।

निम्न केस में भी 0 से 25000 तक की पेनल्टी लगेगी :
1 अब यदि किसी ट्रांसपोर्टर या कोई भी व्यक्ति व्यक्ति को जिसके पास माल का पसेशन है पहले से मालूम है की यह माल के संभंध में GST लॉ के अनुसार डॉक्यूमेंट नहीं है या यह माल रस्ते में पकडाया जा सकता है
२. यदि उसे ऑफिसर ने डॉक्यूमेंट के साथ उपस्थित होने के लिए समन (नोटिस) दिया और वह उपस्थित नहीं होता है
3. यदि कोई व्यक्ति GST लॉ के अनुसार बिल इशू नहीं करता है या अपनी बुक्स में इस बिल की एंट्री नहीं करता है मतलब आयकर के कई नियम जिसमे व्यक्ति को सुविधा दी है (जैसे 8% टर्नओवर पर टैक्स भरकर बुक्स नहीं रखने की सुविधा) नगण्य हो जायेंगे

धारा 129 और 130 आपस में संबंध रखते है
धारा 129 रास्ते में पकड़ा जाना से संबंधित है
अब यदि कोई ट्रांसपोर्टर कोई गुड्स ले जा रहा है और उसके पास GST लॉ के अनुसार डॉक्यूमेंट नहीं है या GST लॉ का उल्लंघन करते हुए माल ले जा रहा है तो उसका मॉल उसकी गाड़ी सहित जप्त कर लिया जायेगा और मालिक स्वयं आकर टैक्स भरने की पहले करके टैक्स और पेनल्टी भरता है तो माल, गाड़ी तभी छोड़ा जायेगा जब वह उस पर लागु टैक्स की राशी व्  पेनल्टी 100% टैक्स की राशी का, दोनों मिलाकर भर देता है यदि गुड exempted है तो जितने मूल्य का गुडस है उसका 2% या 25000/-, जो दोनों में से कम हो, पेनल्टी भरना पड़ेगी। और मालिक स्वय सामने आकर टैक्स और पेनल्टी नहीं भरता है तो लागु टैक्स की राशी और जो माल पकडाया है उसकी बाज़ार मूल्य का 50% पेनल्टी के रूप में भरना होगा

यदि माल exempted गुड्स की श्रेणी में है तो जितने मूल्य का गुडस है उसका 5% या 25000/-, जो दोनों में से कम हो, पेनल्टी भरना पड़ेगी। अब  नकद राशी भरने के लिए नहीं है तो कुछ परिस्थिति में वह बांड भरकर या समान राशी की सिक्यूरिटी देकर माल और गाड़ी 7 दिन में छुड़ा सकता है नहीं।