उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने दो दिवसीय वाराणसी प्रवास के दौरान सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने दालमंडी सड़क चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने और सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, इससे जुड़े न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी कर उनका जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में बाढ़ से बचाव से जुड़े कार्यों के लिए जनप्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझावों को प्रस्तावों में शामिल किया जाए। साथ ही उन्होंने वरुणा नदी के पुनरोद्धार के लिए आवश्यक कदम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने नाविकों से निरंतर संवाद बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि घाट श्रद्धालुओं के लिए पवित्र स्थल हैं और वहां किसी भी तरह का धरना, प्रदर्शन या अराजकता स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि नोडल अधिकारी प्रत्येक कार्य की नियमित निगरानी करें और किसी भी स्तर पर यदि कोई बाधा सामने आए तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्यों में अपेक्षित प्रगति बनी रहे।
अफसरों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीवरेज और पेयजल व्यवस्था को लेकर नगर निगम और जलनिगम अपनी कार्यप्रणाली की गंभीरता से समीक्षा करें और हर स्थिति में नागरिकों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने सड़कों पर अनावश्यक जाम की समस्या रोकने के लिए वेंडिंग जोन विकसित कर रिक्शा और ठेलों को सुव्यवस्थित करने तथा उपयुक्त स्थानों पर पार्किंग स्थल विकसित कर अवैध टैक्सी, बस और रिक्शा स्टैंड को वहां व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
ठंड को देखते हुए पर्याप्त संख्या में रैन बसेरों का संचालन सुनिश्चित करने और वहां कंबल सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही नगर निगम और विकास प्राधिकरण को नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।









