मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक और बड़ी गति मिली है। उज्जैन के पास स्थित विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में एक बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनी 450 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। राज्य सरकार ने कंपनी को 25 एकड़ (10 हेक्टेयर) जमीन आवंटित करने की मंजूरी दे दी है। इस निवेश से क्षेत्र में हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
यह प्रोजेक्ट दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के तहत विकसित किए जा रहे विक्रम उद्योगपुरी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली राज्य निवेश प्रोत्साहन अधिकार प्राप्त समिति ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिससे इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
प्रोजेक्ट से 3000 लोगों को रोजगार
जानकारी के अनुसार, यह कंपनी यहां एक फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन यूनिट स्थापित करेगी। इस पूरी परियोजना पर करीब 450 करोड़ रुपये की लागत आएगी। कंपनी के अधिकारियों का अनुमान है कि इस इकाई के शुरू होने से लगभग 1000 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा, जबकि 2000 से अधिक लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे।
अगले दो साल में शुरू होगा उत्पादन
मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी को जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उम्मीद है कि अगले तीन महीनों के भीतर कंपनी अपनी यूनिट का निर्माण कार्य शुरू कर देगी। योजना के मुताबिक, अगले दो वर्षों में यहां उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। यह निवेश क्षेत्र में फार्मा सेक्टर को एक नई मजबूती प्रदान करेगा।
निवेशकों की पसंद बन रहा विक्रम उद्योगपुरी
विक्रम उद्योगपुरी अपनी बेहतरीन कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय सुविधाओं के कारण निवेशकों के लिए एक आकर्षक केंद्र बनता जा रहा है। यह क्षेत्र सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहां पहले से ही पेप्सिको, अमूल, आशीर्वाद पाइप्स और कर्नाटक एंटीबायोटिक्स जैसी कई बड़ी कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित कर चुकी हैं या कर रही हैं।
विक्रम उद्योगपुरी के दूसरे चरण को 442 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जहां बुनियादी ढांचे का काम तेजी से चल रहा है। इस नए निवेश से न केवल उज्जैन बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र के आर्थिक विकास को बल मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।











