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चीन ने मानी अपनी गलती, कोरोना के शुरुआती सैंपल कर दिए थे नष्ट

नई दिल्ली। चीन से निकले कोरोना वायरस ने जहां एक ओर पूरी दूनिया में तबाही मचा दी है वहीं चीन इस बात को हमेशा झूटलाते रहा है कि कोरोना वायरस उसी के देश में पैदा हुआ है। हालांकि चीन ने अब इस बात को स्वीकार कर लिया है कि उसने कोरोना वायरस को लेकर दुनिया के आगे झूठ परोसा था।

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जी हां मीडिया रिपोर्ट की माने तो चीन ने ये मान लिया है कि उसने कोरोना वायरस के शुरुआती सैंपल नष्ट करवा दिए थे। दरअसल, शुक्रवार को चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन के सुपरवाइजर लीऊ डेंगफेंग ने बताया कि 3 जनवरी को चीन की सरकार ने आदेश जारी किया था कि अनाधिकृत लैब से कोरोना वायरस के सैंपलों को नष्ट किया जाए।

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पिछले महीने ही अमेरिका ने लगाए थे आरोप 

गौरतलब है कि अमेरिका पहले से ही चीन पर कोरोना वायरस की सच्चाई छूपाने का आरोप लगाता रहा है। वहीं पिछले महीने अमेरिका के विदेश मंत्री ने दावा किया था कि चीन ने वायरस के सैंपल नष्ट किए। जिसे चीन ने अब मान लिया है। वहीं अपनी सफाई में चीन ने यह भी कहा कि चीन ने कुछ छिपाने के मकसद से वायरस के सैंपल नष्ट किए।

अमेरिका के आरोप का किया खंडन 

लीऊ डेंगफेंग ने कहा कि लैब में बायोलॉजिकल सुरक्षा और आगे कोई दूसरा हादसा न हो जाए, इसलिए वायरस को खत्म करने को कहा गया। अमेरिका द्वारा लगाए आरोपों का खंड़न करते हुए चीन के स्वास्थ्य कानूनों के तहत उन्हें वायरस को खत्म करना था। हमने कुछ छिपाने के मकसद से वायरस के सैंपल नष्ट नहीं किए।