इस अफसर ने किया था असस में एनआरसी की प्रक्रिया नेतृत्व, जांचे थे 47 करोड़ दस्तावेज

असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) सूची आ चुकी है। वहीं इस सूची में करीब 19 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं है। जिसके बाद मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दे कि इस सूची को तैयार करने में आईएएस अफसर प्रतीक हजेला की अहम भूमिका रही है।

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असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) सूची आ चुकी है। वहीं इस सूची में करीब 19 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं है। जिसके बाद मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दे कि इस सूची को तैयार करने में आईएएस अफसर प्रतीक हजेला की अहम भूमिका रही है। उन्होने इस पूरी प्रक्रिया नेतृत्व किया है और 55,000 अधिकारियों की टीम के साथ मिलकर 47 करोड़ दस्तावेजों की जांच की थी। इस एनआरसी की पूरी प्रक्रिया में का खर्च 1,200 करोड़ रुपये है।

कौन है प्रतीक हजेला?

आईएएस अफसर हजेला ने 50 वर्षीय हजेला ने आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई की है। उन्हे सितंबर 2013 में तत्कालीन मनमोहन सरकार की सिफारिशों पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार की सिफारिशों एनआरसी का स्टेट कॉर्डिनेटर नियुक्त किया गया था। उस दौरान वह राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में प्रबंध निदेशक के तौर पर कार्यरत थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा था कि, ‘हजेला को हमारी सिफारिश पर नियुक्त किया गया क्योंकि उन्हें इसके लिए सक्षम समझा गया।‘

हजेला 10 साल तक उपायुक्त के तौर पर भी काम कर चुके हैं। जिसमें गुवाहाटी भी शामिल है। उच्चतम न्यायालय राज्य और केंद्र से इसे लेकर नियमित अपडेट मांग रही ऐसे में वह इस प्रक्रिया से जुड़े थे। हजेला के एक सहयोगी ने कहा कि ‘उन्होंने हमें बताया कि यह प्रक्रिया एक पहाड़ी सड़क की तरह है जहां आप बाधा को मोड़ से पहले नहीं देख सकते हैं।‘ हजेला को उच्चतम न्यायालय द्वारा मीडिया में बोलने से मना किया गया है।

3.29 करोड़ आवेदनों का किया गया सत्यापन

एनआरसी की प्रक्रिया के दौरान हजेला की टीम ने लगभग 3.29 करोड़ आवेदनों का सत्यापन किया था। हजेला के सहयोगियों के मुताबिक वह काफी करीब से इससे जुड़े रहे और उन्होंने कई तरीके सुझाए। जिसमें से एक तरीका था कि फैमिली ट्री की भी जांच की जाए ताकी कोई व्यक्ति किसी के परिवार के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल न कर सके।

ठस प्रक्रिया के अंतर्गत अधिकारियों द्वारा हाथ से लिखी फैमिली ट्री का कंप्यूटर से बनी फैमिली ट्री के जरिए मिलान किष्स जाता था और किसी भी तरह की गड़बड़ी हेोन पर सभी सदस्यों को एक सेंटर पर बुलाया जाता था। इसके अलावा हजेला ने 53 से अधिक सॉफ्टवेयर अनुप्रयोगों को तैयार करने में बारीकी से काम किया जो इस प्रक्रिया में अहत थी।

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