खूंखार हैं ये खतरनाक कमांडो, इसलिए पड़ी इस फाॅर्स की जरुरत

पूरी दुनिया जानती है भारत के जवान ऐसे कई मौको पर अपनी वीरता के परचम लहराते है जिन्हें हर कोई याद रखता है। दरअसल, भारत की कई कमांडो टोली है जो दुश्मन के छक्के छुड़ा देती है मगर इन सब में गरुड़ कमांडो को सबसे खतरनाक माना जाता है।

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garud commando

पूरी दुनिया जानती है भारत के जवान ऐसे कई मौको पर अपनी वीरता के परचम लहराते है जिन्हें हर कोई याद रखता है। दरअसल, भारत की कई कमांडो टोली है जो दुश्मन के छक्के छुड़ा देती है मगर इन सब में गरुड़ कमांडो को सबसे खतरनाक माना जाता है।

गरुड़ कमांडो भारतीय वायुसेना की एक विशेष टुकड़ी है जो आतंकवादीयों की सबसे बड़ी दुश्मन मानी जाती है, यह आतंकवादियों को उनके बिल में घुस कर मारने के कारनामें करती हैं। जम्मू कश्मीर में हुए हमले में इस सेना ने एक अहम किरदार निभाया था, गुरुड कमांडो की ट्रेनिंग काफी सख्त होती है इसीलिए इन्हें आतंकवादियों का काल कहा जाता है।

गरुड़ कमांडो ने कई ऑपरेशन अंजाम दिया है इनमें वे अब तक लगभग 35 सौ से ज़्यादा आतंकवादियों को जन्नत भेज चुके हैं। इस सेना को हर परिस्थिति में लड़ने और जितने के लिए तैयार किया जाता है। यह हमेशा आधुनिक हथियार से सजे हुए रहते हैं। जिनका उपयोग यह अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए करते हैं सिर्फ इतन ही नहीं गुरुड पुराण से प्रशिक्षण लेने दुनिया के शक्तिशाली देशों के सैनिक आते हैं।

खूंखार हैं ये कमांडो

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आर्मी के पैरा स्पेशल कमांडो व नेवी के मार्कोस (मरीन) कमांडो फोर्स की तरह वर्ष 2004 में तैयार की गई एयरफोर्स के गरुड़ कमांडो भी काफी खूंखार और अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं। कुछ महीने पूर्व ही सेना ने घाटी में अपने एंटी टेरिज्म ऑपरेशंस में गरुड़ कमांडो फोर्स को शामिल किया था।

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इस फाॅर्स की जरुरत तब महसूस की गई जब 2001 में आतंकियों ने जम्मू और कश्मीर में 2 एयर बेसों पर हमला किया। इस फाॅर्स की ट्रेनिंग नेवी के मार्कोस और आर्मी के पैरा कमांडोज की तर्ज पर ही होती है। इसमें एयरबॉर्न ऑपरेशंस, एयरफील्ड सीजर और काउंटर टेररेजम का जिम्मा उठाने के लिए ट्रेन किया जाता है।