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दिमाग़ी कचरे को भी साफ करना होगा -अन्ना दुराई

नफरतों को जलाओ, मोहब्बत की रोशनी होगी, वरना इंसान जब भी जले हैं, ख़ाक ही हुए हैं। नफ़रत, नज़रअंदाजी और ग़लतफ़हमी ये तीन शब्द हैं जिन पर मेरे लेख की यह दूसरी व अंतिम किश्त टिकी है। यह इसलिए भी ज़रूरी है कि आजकल अधिकांश इंसानों का जीवन इन पंक्तियों की तरह गुज़रता है कि […]