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नितिनमोहन शर्मा

आदिवासी क्षेत्र में भगवा ब्रिगेड का “ब्रह्मास्त्र” अभियान, जो भोलेनाथ का नही, वो मेरी…

नितिनमोहन शर्मा" जो भोलेनाथ का नही, वो मेरी जात का नही"। ये नारा इन दिनों प्रदेश के वनवासी अंचल में तेजी से गूंज रहा हैं। धार-झाबुआ-बड़वानी से लेकर मंडला-शहडोल तक इसकी गूंज एक समान हैं। मामला आदिवासियों के धर्मांतरण से जुड़ा हैं। इस मामले…

महज 409 ट्रैफिक जवान, तुम्हारे शोक को संभाले या शहर का ट्रैफिक?

नितिनमोहन शर्मागेले गांव में ऊँट आया...!! ये कहावत तो बहुत सुनी होगी न? गांव गेला था। यानी अल्पबुद्धि। पागल भी बोल सकते हैं। उसमे ऊँट आ गया। एक अलग तरह का जीव। ऊंची कुबड़ ओर लम्बी गर्दन वाले इस जींव को देखने गांव उमड़ गया। वो था तो ऊंट…

विष कन्याओं’ को हवालात भेजो न..!! बॉय फ्रेंड्स पर केस दर्ज करते हो, गर्ल फ्रेंड्स पर मेहरबानी…

नितिनमोहन शर्माफिर इन्दौर की सड़क पर वो नज़ारा देखने को मिला...जिसे देख देखकर अब मूल इंदोरियो का धैर्य जवाब देने लगा हैं। नशे में धुत लड़की ने जमकर उत्पात मचाया। पुलिस को भी कुछ नही समझा। परबस पुलिस उसकी इज्ज़त ढक रही थी और वो उगाड़ रही थी।…

काल के कपाल पर ‘महाकाल लोक’, शिव से शिवत्व की यात्रा का उज्जयिनी में सजा संसार

नितिनमोहन शर्माअब आपकी हमारी उज्जयिनी अब वो नही रही जिसे आप हम सब जानते पहचानते है। अवंतिकानाथ की अवंतिकापुरी भी वैसी नही रही जैसी हम सब देख देख कर बड़े हुए। पुण्य सलिला क्षिप्रा का निर्मल जल तो वही है ओर कोटि तीर्थ कुंड में भी वो ही जल…

सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच 17 साल बाद मिली विजयवर्गीय को राहत, पेंशन घोटाला ख़ारिज

नितिनमोहन शर्माप्रदेश की सत्ता का चेहरा बदलने की चल रही सुगबुगाहट के बीच कैलाश विजयवर्गीय अब क्लीन चिट करार दे दिए गए। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विजयवर्गीय की बड़ी तरक्की की राह का रोड़ा बना पेंशन घोटाला ख़ारिज हो गया है। सरकार ने इसे ये…

पंतप्रधान का ऐलान- नहीं चलेगा राजनीति में परिवारवाद, देश-प्रदेश मे भ्रष्टाचार

नितिनमोहन शर्माभाजपा में अपने बेटे बेटियों बहुओं ओर पत्नियों को चुनाव लड़ाने का मंसूबा बनाने वाले सभी बड़े नेता ख़बरदार हो जाये। और वो लोग भी सावधान हो जाये जो कोरोमा डेम जैसे भृष्टाचार में शामिल है। जिनकी पैसे की भूख 18 हजार जिंदगियों ओर…

भिया…गट्टा नि उलझ जाये…!!

नितिनमोहन शर्मादेखना भिया, ज्यादा हवाबाजी में "गट्टा नि उलझ जाए" । माहौल वाहोल से कुछ नि होता भिया...जमीन पे काम होना। चुनाव में " चिल्ला चोट" से कुछ नि होता है। " सुम सटके" में काम करना पड़ता है। नि तो भिया दांव होने में देर नी लगती। अब…