Swachh Survekshan 2022: इंदौर नगर निगम ने स्वच्छता में सिक्स लगाने के लिये कमर कसी, ये हैं मेगा प्लान

आयुक्त प्रतिभा पाल की उपस्थिति में आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2022(Swachh Survekshan 2022), 7 स्टार रेटिंग, वॉटर प्लस सर्वे की तैयारियो को लेकर ई लर्निंग पाठयक्रम प्रशिक्षण कार्यशाला रविन्द्र नाटय गृह में संपन्न हुई। इस अवसर पर समस्त अपर आयुक्त, समस्त उपायुक्त, झोन नियंत्रणकर्ता अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, सीएसआई, दरोगा, पीएचई, उद्यान, स्वास्थ्य, विद्युत के उपयंत्री, उद्यान दरोगा, इंजीनियर, एनजीओ हेड, ड्रेनेज सुपरवाईजर, भवन अधिकारी, भवन निरीक्षक व अन्य उपस्थित थे। इस अवसर पर अपर आयुक्त श्री संदीप सोनी द्वारा प्रेजेटेशन के माध्यम से स्वच्छ सर्वेक्षण की गाइड लाईन व कार्यो के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

60 दिन का काउंन डाउन प्रारंभ

आयुक्त सुश्री पाल द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के साथ ही 7 स्टार रेटिंग सर्वे, वॉटर प्लस सर्वे को दृष्टिगत रखते हुए, आयोजित ई लर्निंग पाठयक्रम प्रशिक्षण कार्यशाला में विस्तार से गाइड लाईन अनुसार किये जाने वाले कार्यो के संबंध में स्वास्थ्य अधिकारी, झोनल अधिकारी, सीएसआई, दरोगा, भवन अधिकारी से चर्चा की गई। आयुक्त सुश्री पाल ने कहा कि आप सभी को विगत 5 वर्षो से स्वच्छ सर्वेक्षण के लिये कार्य कर रहे है इसलिये आप सभी को पता है कि क्यां कार्य करना है और क्यां-क्यां तैयारियां करना है। आप सभी अपने आंवटित क्षेत्र में यह बात सुनिश्चित करे कि कही भी कचरा सडक व खाली प्लॉट पर ना पडे रहे, आप यह देख कि कचरा किस जगह से आया है ताकि कचरे को सडक या फुटपाथ पर डलने से रोका जा सके। आयुक्त सुश्री पाल ने डोर टू डोर कचरा संग्रहण, कचरा सेग्रिगेशन, 6 बिन प्रतिदिन, स्वच्छता एंथम, सीटी प्रोफाईल, सीटीजन फिडबेक के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये तथा समस्त दरोगा को निर्देशित किया कि प्रत्येक घर से निकलने वाला कचरा डोर टू डोर कचरा संग्रहण वाहन में ही आए, कचरा यहां-वहां पर फैंका जाये। आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के लिये 60 दिन का काउनंडाउन प्रांरभ हो गया है, आप सभी अपने आवंटित क्षेत्र में आवंटित कार्य को लेकर तैयारी प्रारंभ करे और अपने स्वच्छता से जुडी टूल किट के बिन्दु अनुसार कार्य करे।

शहर को प्लास्टिक व डिस्पोजल फ्री बनाना हमारा लक्ष्य- आयुक्त

आयुक्त सुश्री पाल ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण के साथ ही इंदौर शहर को प्लास्टिक व डिस्पोजल मुक्त शहर बनाना हमारा लक्ष्य है, इसके लिये आप सभी सुनिश्चित करे कि सार्वजनिक स्थानो पर किसी भी तरह का प्लास्टिक का उपयोग ना हो और ना ही डिस्पोजल का उपयोग किया जावे। निगम द्वारा चलाये जा रहे झोलाधारी इंदौरी अभियान के तहत नागरिको को कपडे का थैला उपयोग करने के लिये प्रेरित करे। इसके साथ ही आयुक्त द्वारा समस्त अधिकारियो को निर्देशित किया कि आप सभी स्वच्छ सर्वेक्षण की गाइड लाईन से संबंधित टूल कीट का अध्ययन करे और निर्धारित मापदंड अनुसार सर्वेक्षण की तैयारियां करे।

आयुक्त सुश्री पाल ने समस्त झोनल नियंत्रणकार्त अधिकारी, ड्रेनेज सुपरवाईजर को निर्देशित किया कि वह अपने झोन अंतर्गत सार्वजनिक व पब्लिक शौचालय व मुत्रालय का निरीक्षण करते हुए, सीटीपीटी का आउटलेट सीवर से कनेक्ट है, प्रकाश, सफाई व पानी की व्यवस्था है, आवश्यक मापदंड पुरे है या नही इसकी मॉनिटरिंग करेन के निर्देश दिये गये। साथ ही ड्रेनेज सुपरवाईजर अपने झोन क्षेत्र के नदी-नाले किनारे की सीवरेज लाईन के चेक करे कि लाईन लीकेज तो नही है, लाईन व्यवस्थित चल रही है, ओव्हरफलो तो नही है ताकि समस्या का निराकरण किया जा सके। उद्यान सुपरवाईजर व दरोगा को निर्देशित किया कि अपने झोन के अंतर्गत आने वाले उद्यानो में लगे कम्पोस्ट पीट व्यवस्थित हो, उद्यान सफाई व सोन्दर्यीकरण कार्य, डिवाईडर में लगे पौधे व्यवस्थित हो, वॉटर फाउण्टेन व्यवस्थित हो यह भी सुनिश्चित करे।

अधिकारी व कर्मचारी अपने आवंटित क्षेत्र में लगातार मॉनिटरिंग व कार्य करे

आयुक्त सुश्री पाल द्वारा समस्त अपर आयुक्त, उपायुक्त, झोन नियंत्रणकर्ता अधिकारी को अपने-अपने आवंटित झोन/क्षेत्रो में सर्वेक्षण की गाइड लाईन अनुसार कार्य पुर्ण करना एवं पुरी तैयारियां करने के निर्देश दिये गये, जिसके तहत सभी अपर आयुक्त, झोन नियंत्रणकर्ता अधिकारी व उपायुक्त को निर्देश दिये कि वह अपने-अपने झोन व क्षेत्र में प्रातः, दोपहर और शाम से लेकर रात्रि लेकर झोन क्षेत्र फिल्ड में रहे और सर्वेक्षण की पुरे मापदंड अनुसार संबंधितो से कार्य कराना सुनिश्चित करे। सभी अपर आयुक्त, नियंत्रर्णकर्ता अधिकारी अपने-अपने झोन क्षेत्र में आने वाली वॉटर बाडी जिसमें तालाब, नदी-नाला, कुआ-बावडी आदि सम्मिलित है, मैं यह सुनिश्चित करे की उसमें कही से भी गंदा पानी या सीवरेज का पानी नही आ रहा है, वॉटर प्लस का मुख्य उददेश्य शहर के पुरे सीवरेज को सीवरेज लाईन के माध्यम से एसटीपी प्लांट पहुंचाना है। अपने-अपने क्षेत्र के एसटीपी का भी निरीक्षण करे और उसकी भी मॉनिटरिंग करे। समस्त भवन अधिकारी व भवन निरीक्षक को अपने झोन क्षेत्र में निर्माणधीन भवन व मकानो को कव्हर करने, बिल्डिंग मटेरियल सडक पर ना पडा हो तथा आरडब्ल्युए- ओडब्ल्युसी में कम्पोस्ट पीट व्यवस्थित हो और कार्यरत हो, सुनिश्तिच करने के निर्देश दिये गये।

इसके साथ ही सर्वेक्षण के अनुसार रहवासी क्षेत्र, व्यवसायिक क्षेत्र, सडके, पार्क, उद्यान, बडे संस्थानो द्वारा कचरे का प्रोसेसिंग करना, परिवहन क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, स्टॉम वॉटर लाईन, टेचिंग ग्राउण्ड, पर्यटन स्थल, शासकीय कार्यालय आदि के संबंध में जो प्रोटोकॉल में प्रावधान है उसका पुर्ण रूप से पालन हो रहा है या नही इसकी माइक्रो प्लानिंग कर लेवे। झोन क्षेत्र के अंतर्गत लगे हुए लिटरबीन व्यवस्थित हो, उन्हे धोने के लिये रोस्टर बना है और रोस्टर के अनुसार लिटरबीन की धुलाई हो, साथ ही लिटरबीन ढक्कन व हुक लगे हो, पर्याप्त रूप में साईनेज लगे हो, फुटपाथ और रोड किनारे लगे पेव्हर ब्लॉक व्यवस्थित लगे हो। प्रोटोकॉल के प्रावधान अनुसार एक चेक लिस्ट बनाये और उसके अनुसार मॉनिटरिंग करे। किसी भी क्षेत्र में कचरे के प्वॉइन्ट ना रहे, सी एंड डी वेस्ट यहां-वहां ना पडा रहे, जहां पर निर्माण कार्य किया जा रहा है उसको ग्रीन नेट से कव्हर रहे तथा निर्माण सामग्री रोड पर ना पडी रहे।

इसके साथ ही समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त सुश्री पाल द्वारा जीटीएस प्रभारियों से भी कचरा ट्रांसर्फर स्टेशन पर वाहन आते है उसमें कचरा कचरा 6 बिन में पृथक-पृथक होकर आने तथा ओपन टीपर में कचरा सेग्रिग्रेट होकर आने की स्थिति की समीक्षा झोनवार की गई। यदि किसी कचरा संगहण वाहन में कचरा सेग्रिग्रेट नही होकर आता है तो उसके जानकारी अपर आयुक्त को दे। कचरा टांसर्फर स्टेशन साफ-सुथरे व व्यवस्थित रखने के भी निर्देश दिये गये। किसी भी कचरा टांसर्फर स्टेशन पर कोई भी टूटा फुटा सामान, मिटटी के ढेर, सी एंड डी वेस्ट पडा नही हो यह भी संबंधित जीटीएस प्रभारी सुनिश्चित करेगे।