जयपुर: देश को केवल आतंकवादियों से ही नहीं बल्कि और भी बहुत से ऐसे लोगों है जिनसे देश को खतरा बना होता है और इनसे बचाने के लिए देश की ख़ुफ़िया सुरक्षा एजेंसियो सदैव अपने काम में लगी रहती है, और देश की आंतरिक रूप से सुरक्षा का ध्यान रखती है। देश में एक इस ही प्रदेश राजस्थान है जिसकी सीमा अन्य देशो से लगती है और इन देशों से भारत की सुरक्षा में आये दिन हस्तक्षेप करने का प्रयास किया जाता है लेकिन देश के जवान कभी ऐसी स्थिति बनने नहीं देते।

बता दें कि राजस्थान में बीते कई महीनो से लापता चल रहे सैंकड़ों विदेशी नागरिकों में से कुछ तक प्रदेश की सुरक्षा एजेंसिया पहुंच चुकी है। दरअसल प्रदेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश में राजस्थान सरकार सक्रिय हो गई है प्रदेश के तक़रीबन 186 लापता विदेशों नागरिकों तक पहुंच गई बताई जा रही है।

बता दें कि राजस्थान में अन्य देशो जैसे कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश समेत और भी देशों के करीब 684 विदेशी नागरिक लापता हैं। इन लापता विदेशी नागरिकों से देश की सुरक्षा का खतरा आये दिन बढ़ता जा रहा है, इससे सुरक्षा एजेंसिया काफी सतर्क और चिंतित नजर आ रही है।

दरअसल राजस्थान में इतनी ज्यादा संख्या में लापता विदेशी नागरिकों को ढूंढने के लिए प्रदेश को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने 1 जनवरी 2021 को राज्य सरकार को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे, इस निर्देश के बाद प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार के निर्णय का पालन करते हुए गृह विभाग के शासन सचिव एनएल मीणा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर दी थी, और इस विसगत में कार्यवाही लगातार जारी है और इस संदर्भ में कमेटी ने सभी इंटेलिजेंस ऑफिसर को लापता विदेशी नागरिकों को ढूंढने के सख्त निर्देश दिए थे।

इस निर्देश के बाद केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2020 की एक रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान सरकार को इन विदेशी नागरिकों को ढूंढने के निर्देश दिए थे रिपोर्ट के देशभर में 4 लाख 21 हजार 255 विदेशी नागरिक लापता हैं दरअसल राज्यों में ये सभी विदेशी नागरिक वीजा लेकर भारत की यात्रा पर आए थे, लेकिन उसके बाद ये लोग अपने देश नहीं लौटे और लापता हो गये। देश की सुरक्षा एजेंसिया इनको ढूंढने में लगी हुई है।