Startup Conclave 2022: स्वच्छता के साथ स्टार्टअप हब में भी सिरमौर बनेगा इंदौर

ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा स्टार्टअप कॉन्क्लेव-2022 का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं के लिए एक अवसर के समान रहा। मध्यप्रदेश शासन के इस महत्वपूर्ण आयोजन में स्पीड मेंटरिंग सत्र हुआ।

इंदौर। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा स्टार्टअप कॉन्क्लेव-2022 का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश को स्टार्टअप पॉलिसी की सौगात दी। इसके अलावा स्टार्टअप को गति देने के लिए फंडिंग करने का भी ऐलान किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मध्‍य प्रदेश की स्टार्टअप नीति का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कम समय में देश में स्टार्टअप की दुनिया ही बदल गई है। आज स्टार्टअप में भारत दुनिया का सबसे बड़ा ईको सिस्टम है, यूनिकॉन हब के रूप में भी हम एक ताकत के रूप में उभर रहे हैं। आज हमारे देश में करीब 70 हजार नए स्टार्टअप है। भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब है।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित में जनप्रतिनिधियों एवं लोगों की उपस्थिति में मध्यप्रदेश स्टार्टअप्स की सफलता की कहानियों की पुस्तिका का विमोचन किया। स्टार्ट अप पॉलिसी के शुभारंभ के मौके पर सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि कथाकार और गजलकार दुष्यंत कुमार जी ने कहा है ‘कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों।आज मैं कह रहा हूं कि मेरे बेटा-बेटियों आप मुझे आइडिया दीजिए, मैं आपको अवसर दूंगा। इस अवसर पर इंडेक्स समूह के चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया, इंडेक्स मेडिकल कॅालेज के डीन डॅा.जीएस पटेल, मेडिकल सुप्रिडेंटेंड लेफ्टिनेंट कर्नल डॅा.अजयसिंह ठाकुर, आईआईडीएस अस्सिटेंट डीन डॅा.दीप्ति सिंह हाड़ा भी उपस्थित थे। स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम में मालवांचल यूनिवर्सिटी के फॅार्मेसी और डेंटल सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में स्टार्टअप से जुड़ी कई जानकारी भी हासिल किया।

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बैटरी चार्जिंग स्टार्टअप के साथ समझी मेडिकल की नई तकनीक

मालवाचंल यूनिवर्सिटी के डेंटल और फॅार्मेसी सहित विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने स्टार्टअप फंडिग से लेकर विभिन्न सत्रों में हिस्सा लिया। इसमें विद्यार्थियों ने मेडिकल से लेकर फॅार्मेसी क्षेत्र में होने वाले बदलावों की जानकारी हासिल की। सानिया जेशवाल ने मेडिकल के विद्यार्थियों को बताया कि कोरोना की दूसरी लहर ने इंदौर शहर को बहुत आघात पहुँचाया। जब शहर में कोरोना की गति तेज हो रही थी। उसी समय हम युवा कंप्यूटर इंजीनियर ने तत्काल कोरोना पॉजिटिविटी की पहचान करने के लिए विचार किया। कोरोना की भयावहता के समय हमने ऐसी डिवाइस बनाने की ठानी जो कुछ ही पलों में न सिर्फ प्लस रेट ऑक्सीजन सेचुरेशन बल्कि ब्लड प्रेशर, के साथ साथ बॉडी टेम्परेचर और रेस्पिरिटी रेट रिकॉर्ड कर स्क्रीन शो कर सके। अभयपरिमिति डिवाइस बनाई जो 20 सेकेण्ड में कंप्लीट हेल्थ चेकअप कर सकती है। अब आंध्रप्रदेश में भी मेड इन इंदौर डिवाइस बनेगी। स्टार्टअप प्रदर्शनी में ईवी ऊर्जा स्टार्टअप के बारे में संयोग तिवारी ने विद्यार्थियों को ईवी बैटरी ऊर्जा स्टार्टअप के बारे में जानकारी दी। किस तरह आने वाले समय में बैटरी चार्जिंग कंसेप्ट दुनिया में नए बदलाव लाने वाला है। यह आपकी सबसे बड़ी जरूरत बनकर उभर सकता है। वहीं प्रयास सक्सेना ने विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक के जरिए कृषि में हो रहे बदलावों की बारे में जानकारी दी। उन्होने बताया कि आने वाले समय में स्कायलेन ड्रोन टेक कंपनी का स्टार्टअप कृषि के क्षेत्र मे बीज से लेकर खेती की निगरानी के लिए पूरा डाटाबेस तैयार कर लेगा।

यूनिवर्सिटी के युवाओं ने उद्यमियों से सीखा कैसे बनाए स्टार्टअप को बेहतर

इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा स्टार्टअप कॉन्क्लेव-2022 का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं के लिए एक अवसर के समान रहा। मध्यप्रदेश शासन के इस महत्वपूर्ण आयोजन में स्पीड मेंटरिंग सत्र हुआ। कॉन्क्लेव के दौरान फंडिंग-सत्र आयोजित हुआ। इस सत्र में मालवाचंल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसमें स्टार्टअप और संभावित उद्यमी टियर-I और टियर-II शहरों में फंडिंग के विभिन्न तरीकों के बारे में फिक्की स्टार्टअप समिति के चेयरमेन और एचसीएल के अजय चौधरी, श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध संचालक मनोज कुमार जैन, आईएएन फंड के पार्टनर जयदीप एस मेहता, एम 1 एक्सचेंज के सीईओ संदीप मोहिन्द्रू और डलास वेंचर कैपिटल के किरण चंद्र कल्लूरी ने वित्त या फंडिंग की व्यवस्था को लेकर संवाद किया। स्टार्टअप के लिए वित्त या फंड की व्यवस्था तीन तरीके से की जा सकती है। एक- बैंक के माध्यम से दूसरा- स्वयं के अलावा वेंचर कैपिटल और तीसरा- इन्वेस्टर के सहयोग से स्टार्टअप शुरू कर सकते है। वेंचर कैपिटल में शासन का फंड ऐसे कार्यो में सहयोगी हो सकता है। इसमें कम से कम ब्याज पर वित्त सहायता प्राप्त हो सकती है।