अन्नपूर्णा मंदिर प्रांगण में चल रही श्री राम कथा का हुआ समापन, बड़ी संख्या में भक्त हुए शामिल

व्यक्तिगत, राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं से हटकर संपूर्ण शहर से कथा में जुड़ने का प्रयास किया और कथा का प्रचार-प्रसार इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में जोर-शोर से किया गया. इस आयोजन में राजकुमार मेव ने तन, मन और धन से कंधे से कंधा मिलाकर सहायता की. शहर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 में हुई इस कथा को क्षेत्रीय विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ ने भरपूर सहयोग प्रदान किया.

 इंदौर। अन्नपूर्णा मंदिर प्रांगण में 26 मार्च से 1 अप्रैल तक श्री राम कथा का सात दिवसीय भव्य आयोजन रखा गया था. जहां परम पूज्य साध्वी ॠतंभरा दीदी के मुखारविंद से श्री राम कथा की ज्ञान गंगा बह रही थी. इस कथा का आयोजन मुख्य संयोजक रूप कुमार माहेश्वरी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर किया. कथा के समापन के अवसर पर उन्होंने हर्ष के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त की. समापन के अवसर पर उन्होंने बताया कि पिछले 8 दिनों में मुझे और मेरे परिवार को दीदी की ओर से मिले अपार प्रेम और आशीर्वाद से मैं अभिभूत हो गया हूं, आगे उन्होंने कहा कि इंदौर दीदी की संघर्ष भूमि और वात्सल्य यात्रा का प्रथम पड़ाव रहा है और पिछले तकरीबन एक दशक से शहर उनकी कथा के आयोजन का इंतजार कर रहा था. ये इंतजार तब खत्म हो गया जब दीदी मां ने राम जन्मभूमि पर मंदिर के शिलान्यास के बाद मध्य भारत में प्रथम राम कथा आयोजन को अपनी सहमति दी.

 

साध्वी ऋतंभरा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि मुझ जैसे मध्यमवर्गीय जमीनी कार्यकर्ता को कथा की जिम्मेदारी की इच्छा प्रकट करने पर सहजता से स्वीकृति दे देना उनके अपने हर कार्यकर्ता पर असीम भरोस को दर्शाता है. दिसंबर महीने से ही इस कथा के सफल आयोजन के लिए बैठक कर समाज और संगठन के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई थी. धार्मिक आयोजनों को आजकल राजनीतिक और आर्थिक फायदा देख कर इस्तेमाल कर लिया जाता है, लेकिन हमने दीदी से प्रेरणा लेकर यह निश्चित किया था कि इस आयोजन को धर्म और वात्सल्य पर ही समर्पित करेंगे.

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कार्यक्रम को सफल बनाने में मां अन्नपूर्णा की कृपा के साथ विनोद अग्रवाल के नेतृत्व में अन्नपूर्णा मंदिर ट्रस्ट ने अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया. अन्नपूर्णा मंदिर परिसर में 2 लाख स्क्वायर फीट में बने धागे पांडाल में हजारों की संख्या में पहुंचे राम भक्तों ने कथा का श्रवण कर धर्म लाभ लिया वहीं हजारों भक्तों ने कथा को सोशल मीडिया पर लाइव भी सुना.

व्यक्तिगत, राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं से हटकर संपूर्ण शहर से कथा में जुड़ने का प्रयास किया और कथा का प्रचार-प्रसार इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में जोर-शोर से किया गया. इस आयोजन में राजकुमार मेव ने तन, मन और धन से कंधे से कंधा मिलाकर सहायता की. शहर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 में हुई इस कथा को क्षेत्रीय विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ ने भरपूर सहयोग प्रदान किया. अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए हिंदू धर्म के प्रति सच्ची श्रद्धा को चरितार्थ कर शहर के युवा नेतृत्व एकलव्य सिंह गौड़ और उनके हिंद रक्षक संगठन ने क्षेत्र की धर्म प्रेमी जनता को आयोजन में भागीदार बनाने के लिए प्रयास किए. कथा में पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे, बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सोलंकी, सेवा भारती से गोरेलाल बारचे, प्रांत प्रचारक बलिराम पटेल, सांसद शंकर लालवानी, खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, सत्यनारायण सत्तन, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक आकाश विजयवर्गीय, गोलू शुक्ला, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, गोपी नेमा, मधु वर्मा और शहर के जनप्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर राम कथा का श्रवण किया.

हर दिन कथा के समापन के अवसर पर सम्मानित कारसेवकों, देश के वीर सैनिकों, स्वच्छता सिपाहियों, बाल्मीकि और जनजाति समाज बंधु और गौ सेवकों को समाज के प्रति योगदान देने के लिए प्रणाम करने का प्रयास भी इस कथा में किया गया.

आयोजन समिति के सदस्य मुकेश मोलवा, संजय बांकड़ा, मनीष बिसानी देवेंद्र इनाणी, कालू सारड़ा, अवधेश यादव, मनजीत कीर्तिराज, मनोज जैन, संगीता मनोज गुप्ता और अन्य सभी सदस्यों के अथक प्रयासों से यह आयोजन सफल रहा. इंदौर की धर्म प्रेमी जनता के साथ नगर निगम और इंदौर पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कथा के आयोजन में अपना सहयोग प्रदान किया. मीडिया के द्वारा कथा के संदेश को पूरे देश और प्रदेश में प्रमुखता के साथ प्रसारित किया गया. कथा को सफल बनाने का सबसे बड़ा श्रेय साध्वी ॠतंभरा दीदी और तमाम धर्म प्रेमी जनता को जाता है, जिन्होंने कथा के भव्य पंडाल और कथा के पूर्व आयोजित की गई मानस कलश यात्रा को जय श्री राम के उद्घोष से भर दिया था.