विपिन नीमा

इंदौर। इसी साल मप्र में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां बढ़नी शुरू हो गई है। दोनों प्रमुख पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के पास महज 9 माह ही बचे है। दोनों ही दल नई टीमें तैयार करने में जुट गए है। नई टीम बनाने के लिए जरूरी है सर्जरी करना। दोनों दलों के संगठनों ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। चुनाव प्रचारअभियान से पहले भाजपा संगठन प्रदेश के 10 जिलों के अध्यक्षों को बदलने के मूड में है। इसी प्रकार कांग्रेस संगठन भी अपने एक दर्जन जिलों के अध्यक्षों को हटाकर नए अध्यक्षों के चयन करने जा रहा है।

अगले माह फरवरी के प्रथम सप्ताह में बहुत कुछ परिवर्तन दिखने लगेगा। इंदौर में दोनों पार्टियों के जिला और शहर अध्यक्ष बने रहेंगे इसकी कोई ग्यारंटी नजर नहीं आ रही है। यानी इनका बदलाव लगभग तय है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने का सवाल है तो वह दिल्ली से तय होगा। इस तरह विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह ओर कमलनाथ अपनी अपनी नई टीम के साथ आमने सामने होंगे।

कई चुनोतियों के साथ फिर आमने – सामने होंगे शिव ओर नाथ

मप्र में भाजपा को लेकर पिछले दो तीन माह से मीडिया , राजनेताओं, अफसरों तथा विभिन्न दलों में तेजी से चर्चा धूम रही थी कि चुनाव से पहले पार्टी हाईकमान प्रदेश में एक बड़ा फेरबदल कर नेतृत्व परिवर्तन कर रहा है। अलग अलग खेमे से जब ये बात बाहर आई तो सोशल मीडिया पर शिवराज सिंह चौहान के विकल्प के रूप कई नाम सामने आने लगे , लेकिन इस सूचना से कोई असर नही पड़ा।

बल्कि हाईकमान ने स्थिति स्पस्ट करते ऐलान कर दिया कि चुनाव में शिवराज ही टीम का नेतृत्व करेंगे। कांग्रेस में पहले से ही तय हो चुका है कि चुनाव में कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की अगुवाई में ही चुनाव लड़ेगी। इस तरह शिव और नाथ एक बार फिर नई चुनोतियो के साथ चुनावी मैदान में आमने सामने होंगे।

दोनो पार्टियों के नए शहर अध्यक्ष कौन होंगे, फैसला चंद दिनों में

इंदौर शहर के भाजपा और कांग्रेस के नगर अध्यक्षों का हटना लगभग तय माना जा रहा है। कांग्रेस कमेटी से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के कार्यकाल से संगठन सन्तुष्ट नही है। इस कारण उनकी रवानगी तय मानी जा रही है। उनके स्थान पर नया अध्यक्ष कौन होगा। संगठन ने अभी पत्ते नही खोले है। इसी प्रकार भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे विधानसभा चुनाव लड़ने का सपना देख रहे है। उन्होंने संगठन के सामने अपनी मंशा भी जाहिर कर दी है। इसलिए उनका अध्यक्ष हटना भी तय माना जा रहा है।

कांग्रेस

20 जिला अध्यक्षों की कुर्सी खतरे में

आगामी दिनों में पार्टी में होने वाली सर्जरी में कई जिलों के कांग्रेस अध्यक्षों को कुर्सी से हाथ धोना पड़ सकता है। बताया गया है की इस बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ हर हालत में अपनी सरकार बनाना चाहते है। इस कारण वे विधानसभा चुनाव को देखते हुए मजबूत और विश्वसनीय टीम को तैयार कर रहे है। वे अपनी टीम में ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं का चयन कर रहे है जो गुटबाजी से दूर और पार्टी के लिए सक्रिय है। एक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के मुताबिक जिन जिलों के अध्यक्षों की कुर्सी प्रभावित हो सकती है वे है –
इंदौर
धार
बुरहानपुर
महेश्वर
खरगोन
डिंडोरी
रीवा
अशोक नगर
ग्वालियर
शिवपुरी
निवाड़ी
मुरैना
श्योपुर समेत 18 से 20 जिले शामिल है। इसी प्रकार प्रदेश के 13 जिलों में किसी भी सीट पर कांग्रेस का एक भी एमएलए नहीं हैं।

भाजपा

15 जिलो के अध्यक्षो की कुर्सी डगमगाई

पार्टियों के संगठनों में सबसे मजबूत और सख्त संगठन माना जाने वाला भाजपा संगठन ने भी कई जिलों के अध्यक्षों को बदलने का मन बना लिया है। प्रारम्भिक तोर पर संगठन के पास 12 जिलो के अध्यक्षों को बदलने की सूची है । 26 जनवरी के बाद से 15 फरवरी के बीच प्रभावित जिलों के नए अध्यक्षों की सूची जारी हो सकती है। इसमें कुछ जिले ओर भी बढ़ सकते है। बताया गया है कि कुछ जिलों के वर्तमान अध्यक्षो ने विधानसभा चुनाव लड़ने की म मंशा संगठन के सामने रखी है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक अध्यक्ष बदलने वाले संभावित जिले इस प्रकार है –
– इंदौर
– कटनी
– धार
– बड़वानी
– शिवनी
– छिंदवाड़ा
– सतना
– राजगढ़
– आगर
– नीमच
– हरदा
– सागर
– टीकमगढ़
– शहडोल
– अनूपपुर