नई दिल्ली। भारत आज 26 जनवरी को 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 26 जनवरी का दिन भारत के लिए बेहद खास है। इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। दिल्ली में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह इस बार कई मायनों में अलग है। पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड कर्तव्य पथ से गुजरेगी।

इस परेड में ‘न्यू इंडिया’ की झलक दिखेगी। इसके साथ ही स्वदेशी सैन्य पराक्रम और नारी शक्ति का प्रदर्शन होगा। परेड में कुल 23 झांकियां देखने को मिलेंगी। सभी झांकियों की थीम भी अलग-अलग होगी। इस साल मिस्र के राष्ट्रपति अब्लेद फतह अल-सीसी गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।

50 विमानों का फ्लाई पास्ट
फ्लाई पास्ट में भारतीय वायु सेना के 45 विमानों, भारतीय नौसेना के एक और भारतीय सेना के चार हेलिकॉप्टरोंसांसों को थाम देने वाला एयर शो दिखाएं. इसमें राफेल, मिग-29, एसयू-30, सुखोई-30 एमकेआई जगुआर, सी-130, सी-17, डोर्नियर, डकोटा, एलसीएच प्रचंड, अपाचे, सारंग और एईडब्ल्यूएंडसी जैसे पुराने और आधुनिक विमान/हेलीकॉप्टर कर्तव्य पथ के ऊपर, बाज, प्रचंड, तिरंगा, तंगैल, वजरंग, गरुड़, भीम, अमृत और त्रिशूल समेत कई रूपों में उड़कर आसमान में गर्जना की. राफेल लड़ाकू विमान द्वारा वर्टिकल चार्ली युद्धाभ्यास किया गया.

मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन, नाग मिसाइल सिस्टम (एनएएमआईएस), बीएमपी-2 एसएआरएटीएच का इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल, क्विक रिएक्शन फाइटिंग व्हीकल, K-9 वज्र-ट्रैक्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर गन, ब्रह्मोस मिसाइल, 10 मीटर शॉर्ट स्पैन ब्रिज, मोबाइल माइक्रोवेव नोड और मैकेनाइज्ड कॉलम में मोबाइल नेटवर्क सेंटर और आकाश (नई पीढ़ी के उपकरण) ने दिखाई सेना की ताकत.

कर्तव्य पथ इस बार गणतंत्र दिवस पर इतिहास बन गया. देश में पहली बार आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली. परंपरा के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और उसके बाद 21 तोपों की सलामी के साथ राष्ट्रगान हुआ. पहली बार, 21 तोपों की सलामी 105 मिमी की भारतीय फील्ड गन से दी गई. इन फील्ड गन ने पुरानी 25 पाउंडर बंदूक की जगह ली, जो रक्षा क्षेत्र में बढ़ती ‘आत्मनिर्भरता’ को प्रदर्शित करती है. 105 हेलिकॉप्टर यूनिट के चार एमआई-17 1वी/वी5 हेलिकॉप्टर कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों पर पुष्प वर्षा कर रहे हैं.

गणतंत्र दिवस की परेड में आंध्र प्रदेश की झांकी शामिल हुई। झांकी में मकर संक्रांति के दौरान किसानों के त्योहार ‘प्रभला तीर्थम’ को दर्शाया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वॉर मेमोरियल पहुंच गए हैं। उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद हैं। यहां वे देश के शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वे यहां से कर्तव्यपथ जाएंगे।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन, नाग मिसाइल सिस्टम (एनएएमआईएस) और के-9 वज्र को भी प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं भारतीय नौसेना की टुकड़ी में लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृत के नेतृत्व में 144 युव%