मोदी सरकार को राहत, तीन साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंची थोक महंगाई दर

थोक महंगाई के मोर्चे पर सरकार को बड़ी रहत मिली है। अक्टूबर महीने में होलसेल के दामों में गिरावट आई है।

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नई दिल्ली : थोक महंगाई के मोर्चे पर सरकार को बड़ी रहत मिली है। अक्टूबर महीने में होलसेल के दामों में गिरावट आई है। हालांकि खाने पीने की चीज़ों पर थोक महंगाई बड़ी हुई है लेकिन सितंबर महीने के मुकाबले अक्टूबर में होलसेल महंगाई 0.33 फीसदी से काम होकर 0.16 फीसदी पर आ गई है। वही अगर बात करें पिछले साल की तो अक्टूबर महीने में महंगाई दर 5.28 फीसदी थी। अब ये थोक महंगाई निचले स्तर पर आ गई है।

बता दें हाल ही में भारत सरकार ने खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए थे। अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति 4.62 प्रतिशत पहुंच गई है। वहीं सितंबर महीने में खुदरा महंगाई दर 3.99 फीसदी पर थी। 15 महीने के बाद महंगाई दर सबसे ज्यादा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने खुदरा महंगाई दर के लिए 4 फीसदी का अनुमान लगाया था। सरकार ने बुधवार को महंगाई दर के आंकड़े जारी किए हैं।

थोक महंगाई में गिरावट –

-महीने दर महीने आधार पर प्याज की थोक महंगाई 122.40 फीसदी से घटकर
-119.84 फीसदी रही है।
-आलू की थोक महंगाई -22.50 फीसदी के मुकाबले-19.60 फीसदी।
-दालों की थोक महंगाई 17.94 फीसदी से घटकर 16.57 फीसदी।
-अंडे, मांस की थोक महंगाई 7.45 फीसदी से बढ़कर 7.61 फीसदी।
-सब्जियों की थोक महंगाई 19.43 फीसदी से बढ़कर 38.91 फीसदी।
-मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट की थोक महंगाई -0.42 फीसदी पर बरकरार ।
-फ्यूल एंड पावर की थोक महंगाई -7.05 फीसदी के मुकाबले-8.27 फीसदी।

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