RBI का एलान, अब इस लेटर के इस्तेमाल से भी करवा सकते हैं बैंक KYC

बैंकिंग सिस्टम में सधार लाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक कई बदलाव कर रहा है। सिस्टम को सुधारने के लिए रिजर्वे बैंक कई कदम भी उठा रहा है। अभी हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने ने बैंक KYC के लिए डॉक्युमेंट्स की एक नई लिस्ट जारी की है, जिसकी मदद से आप अपने बैंक KYC का काम पूरा कर सकते हैं।

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नई दिल्ली : बैंकिंग सिस्टम में सधार लाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक कई बदलाव कर रहा है। सिस्टम को सुधारने के लिए रिजर्वे बैंक कई कदम भी उठा रहा है। अभी हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने ने बैंक KYC के लिए डॉक्युमेंट्स की एक नई लिस्ट जारी की है, जिसकी मदद से आप अपने बैंक KYC का काम पूरा कर सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी इस लिस्ट में NPR लेटर को KYC वेरिफिकेशन के लिए मान्य डॉक्युमेंट माना गया है। दरअसल, अब ग्राहक NPR अथॉरिटी द्वारा इस मान्य लेटर की मदद से भी KYC प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। साथ ही इस डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल आप अकाउंट खुलवाने और क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए भी कर सकते हैं। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक ने यह भी साफ किया है कि एनपीआर लेटर ही अनिवार्य नहीं है। आप अन्य लेटर्स की मदद से भी केवाईसी प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में गारी हुई भारतीय रिजर्व बैंक के इस नए निर्देश में नो योर कस्टमर (KYC) के लिए इस्तेमाल किए जा सकने वाले डॉक्युमेंट्स में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर ID कार्ड, नरेगा जॉब कार्ड व NPR लेटर शामिल है। इनमें से किसी भी एक डॉक्युमेंट की मदद से आप अपने बैंक खाते की KYC प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

आरबीआई ने इस डॉक्युमेंट्स को आधिकारिक रूप से वैध डॉक्युमेंट्स करार दिया है। बता दे कि, आधिकारिक रूप से वैध डॉक्युमेंट का मतलब है कि पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार नंबर, भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए वोटर ID कार्ड, नरेगा के तहत जारी किए गए जॉब कार्ड, या नेलशन पॉपुलेशन ​रजिस्टर का इस्तेमाल केवाईसी वेरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

हाल ही में, एक तेलुगू अखबार के विज्ञापन में कहा गया था कि बैंक केवाईसी प्रक्रिया के ​लिए नेशनल पॉपुलेशनल रजिस्टर लेटर जमा करना अनिवार्य है। बता दें कि नो योर प्रक्रिया के तहत बैंक ग्राहकों से जरूरी डॉक्युमेंट्स का वेरिफिकेशन करता है, ताकि बैंक के किसी सर्विस का गलत इस्तेमाल नहीं किया जा सके। यह नया बैंक अकाउंट खोलने के समय पूरा किया जाता है। समय-समय पर बैंक इसे पूरा करते हैं।