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सर्वाइकल कैंसर की जल्द पहचान के लिए बनी पोर्टेबल कैंसर मशीन

Posted on: 01 Jun 2018 12:46 by hemlata lovanshi
सर्वाइकल कैंसर की जल्द पहचान के लिए बनी पोर्टेबल कैंसर मशीन

इंदौर: मनुष्य के स्वास्थ्य पर तंबाकू सेवन एवं धूम्रपान से होने वाले दुष्परिणाम परिणामों पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन ओरिएंटल विश्वविद्यालय विभाग के सभाग्रह में किया गया। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर ओरिएंटल विश्वविद्यालय, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, राजा रमन्ना सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, सेंट्रल लैब एवं फाउंडेशन कैंसर केयर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित किया गया। सेमिनार में एक्सपर्ट ने कैंसर की पहचान, बचाव आदि की जानकारी दी।college 1

कैंसर होने का कारण तंबाकू सेवन
मुख्य अतिथि रमन फाउंडेशन कैंसर केयर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर, वरिष्ठ कैंसर सर्जन, ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ.एस.एस. नैय्यर ने कहा कि स्टूडेंट्स को क्लीनिकल एवं नॉन क्लीनिकल शोध से जोड़ने की आवश्यकता है। पूरे विश्व में मुंह के कैंसर से मरने वालों की संख्या सबसे अधिक भारत में है। इसका मूल कारण तम्बाकू का सेवन है। देश में बढ़ते मुंह के कैंसर को रोकने के लिए जागरूकता अभियान का प्रचार-प्रसार तेजी से होना चाहिए।
सेंट्रल लैब की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. विनीता कोठरी ने तम्बाकू सेवन के दुष्परिणामों पर कहा कि ब्लड प्रेशर, कैंसर, डायबिटीज, तनाव आदि फैलने वाली बीमारियां गलत जीवन शैली का दुष्परिणाम है।

कैंसर की जल्द पहचान होगी
राजा रमन्ना सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (डिपार्मेंट ऑफ़ एटॉमिक एनर्जी) वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं लेज़र बायोमेडिकल ऍप्लिकेशन्स सेक्शन के प्रमुख डॉ.एस.के.मजूमदार ने कहां कि आरआर कैट द्वारा लेज़र आधारित मुंह एवं सर्वाइकल कैंसर की पहचान हेतु पोर्टेबल कैंसर परिक्षण मशीन को इजाद किया गया है। मशीन के माध्यम से सही समय पर मुंह एवं सर्वाइकल कैंसर की पहचान की जा सकती है।

ओरिएण्टल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. के. एल ठकराल ने कहा कि ओरिएंटल विद्यालय के फार्मेसी विभाग को एक विश्वस्तरीय रिसर्च सेंटर के रूप में विकसित करना हैं। ओरिएंटल विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति डॉ. देवेंद्र पाठक ने देश में तम्बाकू सेवन को रोकने के लिए युवा पीढ़ी में नैतिक शिक्षा के प्रसार करने पर बल दिया।

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