अमेरिका-ईरान के झगड़े की कीमत चुकाएगा हमारा देश

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नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बेहद बढ़ गया है. दरअसल, आज यानी शुक्रवार को अमेरिका ने बगदाद एयरपोर्ट पर एयर स्ट्राइक किया है. इस हमले में ईरानी मेजर जनरल कसिल सुलेमानी समेत आठ लोगों की मौत हो गई है.

अमेरिका और ईरान के इस तनाव के बीच कच्चे तेल के भाग में चार फीसदी बढ़ोतरी देखी गई है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के भाव में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. अक्टूबर में कच्चे तेल का भाव 59.70 डॉलर प्रति बैरल पर रहा था. वहीं नवंबर में यह बढ़कर 63 डॉलर हो गया. साल के अंत में यानी दिसंबर में कच्चे तेल का भाव अब 65 डॉलर तक महंगा हो गया है.

ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कच्चे तेल के भाव बढ़ने से भारत में महंगाई बढ़ सकती है. दरअसल, कच्चे तेल के भाव बढ़ने पर भारत को दूसरे देशों से इन्हें खरीदना पड़ता है. जिसके चलते काफी ज्यादा खर्चा करना पड़ जाता है. सिर्फ इतना ही नहीं, कच्चे तेल के भाव बढ़ने से रुपए पर भी काफी दबाव बढ़ जाता है. ऐसे में भारत को कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ जाते हैं.