देवी अहिल्या की नगरी के गौरवशाली इतिहास और यहां की प्राचीन इमारतों का वैभव आज सुबह अलग-अलग चरणों में हुई हेरिटेज वॉक में अहिल्या नगरी आए प्रवासी भारतीयों ने जाना। सुबह से ही हेरिटेज वॉक की व्यवस्था बोलिया सरकार की छत्री से की गई, जिसमें शहर के इतिहासकारों और निजी कॉलेज के छात्रों ने अतिथियों को इंदौर की संपूर्ण जानकारी से रूबरू कराया।

हर चरण में शामिल हुए 20 अतिथि

यह हेरिटेज वॉक बोलिया सरकार की छत्री से शुरू होकर कृष्णपुरा छत्री, राजबाड़ा, गोपाल मंदिर, गुरुद्वारा चौराहा प्रिंस यशवंत रोड होते हुए सीपी शेखर नगर उद्यान तक चली। हर चरण में 15 से 20 अतिथि शामिल हुए, जिन्हें शहर के इतिहास की जानकारी रखने वाले जफर अंसारी, प्रवीण श्रीवास्तव, श्रावणी, प्रशांत इंदुलकर सहित निजी कॉलेज के छात्रों ने जानकारी दी।

इतिहास के साथ रेनोवेशन की कहानी

हेरिटेज वॉक में शामिल हुए अतिथियों को इतिहासकारों ने ना केवल इंदौर के राजबाड़ा, गोपाल मंदिर और अन्य स्थानों का पुराना इतिहास बताया, बल्कि उन्हें इसके रिनोवेशन की कहानी भी बताई गई। कई प्रवासियों ने इतिहासकारों से इंदौर के इतिहास से जुड़े सवाल भी किए। हेरिटेज वॉक में पूर्व मंत्री, राजदूत मॉरीशस मुखेसवुर चूनी गोस्क भी शामिल हुए। वहीं रविवार होने के कारण वाक को देखने के लिए शहरवासी भी वाक में नजर आए।