Live: संसदीय दल के नेता बने पीएम मोदी, सांसदों को दी नसीहत | PM Narendra Modi became a Leader Of NDA Parliamentary Board…

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नई दिल्ली स्थित संसद के सेंट्रल हॉल में एनडीए की बैठक चल रही है। जिसमें बीजेपी के सभी 303 सांसद मौजूद है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंच चुके हैं साथ ही बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरलीमनोहर जोशी अध्यक्ष अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत कई नेता बैठक में मौजूद है।

  • बीजेपी संसदीय दल की बैठक में अमित शाह ने रखा नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव।
  • राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी सहित भाजपा के सभी सांसदों ने किया समर्थन।

प्रकाश सिंह बादल ने एनडीए के नेता के लिए रखा मोदी के नाम का प्रस्ताव।

  • नीतीश कुमार, उद्धव ठाकरे, रामविलास पासवान सहित कई दलों के नेताओं ने किया समर्थन।
  • पीएम मोदी को पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी मुरली मनोहर जोशी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दी बधाई ।
  • पीएम मोदी ने आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के पैर छूकर कर लिया आशीर्वाद ।
  • उद्धव ठाकरे और सुषमा स्वराज ने भी पीएम मोदी को दी बधाई ।

संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने शुरू किया संबोधन –

संसद भवन में मोदी ने संविधान को किया प्रणाम।

  • मैं ह्रदय से आप सबका आभार व्यक्त करता हूं। भाजपा ने संसदीय दल के नेता के रूप में सर्वसम्मति से मुझे चुना और एनडीए के सभी दलों ने इसका समर्थन किया और इसके लिए मैं आभारी हूं।
  • भारत में तो चुनाव अपने आप में उत्सव था, मतदान भी अनेक रंगों से भरा था।
  • लेकिन विजयोत्सव उससे भी अधिक शानदार था।
  • देश के साथ विश्वभर के भारत प्रेमियों ने इस विजयोत्सव में हिस्सा लिया है। ये हमारे लिए गर्व की बात है।
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  • ये चुनाव कितना बड़ा और व्यापक होता है इसकी व्यवस्थाएं कितनी होती हैं, ये विश्व के लिए बहुत बड़ा अजूबा है।
  • इस काम को चुनाव आयोग ने, राज्यों के चुनाव आयोग ने, सरकारी मुलाजिम, सुरक्षा बल इन सब की एक कठोर परिश्रम का एक कालखंड होता है।
  • भारत के लोकतंत्र को हमें समझना होगा। भारत का मतदाता, भारत के नागरिक के नीर, क्षीर, विवेक को किसी मापदंड से मापा नहीं जा सकता है।
  • हम कह सकते हैं सत्ता का रुतबा भारत के मतदाता को कभी प्रभावित नहीं करता है। सत्ताभाव भारत का मतदाता कभी स्वीकार नहीं करता है ।
  • आम तौर पर कहा जाता है कि चुनाव बांट देता है, दूरियां पैदा करता है, दीवार बना देता है। लेकिन 2019 के चुनाव ने दीवारों को तोड़ने का काम किया है। इस चुनाव ने दिलों को जोड़ने काम किया है।
  • ये देश परिश्रम की पूजा करता है। ये देश ईमान को सर पर बिठाता है। यही इस देश की पवित्रता है ।
  • विश्वास की डोर जब मजबूत होती है, तो प्रो-इंकंबेंसी वेव पैदा होती है, यह वेव विश्वास की डोर से बंधी हुई है।
  • ये चुनाव पॉजिटिव वोट का चुनाव है। फिर से सरकार को लाना है, काम देना है, जिम्मेदारी देनी है। इस सकारात्मक सोच ने इतना बड़ा जनादेश दिया है ।
  • ये चुनाव देश की जनता ने लड़ा है ।
  • जनता सही में ईश्वर का रूप होती है।
  • आजादी के बाद पहली बार इतनी वोटिंग हुई है।
  • जनप्रतिनिधियों से मेरा आग्रह रहेगा है कि मानवीय संवेदनाओं के साथ अब हमारा कोई पराया नहीं रह सकता है।
  • इसकी ताकत बहुत बड़ी होती है। दिलों को जीतने की कोशिश करेंगे ।
  • जनप्रतिनिधि के लिए कोई भेद भाव की सीमा रेखा नहीं होती।
  • जो हमारे साथ थे, हम उनके लिए भी हैं, जो भविष्य में हमारे साथ होंगे हम उनके लिए भी हैं।
  • साथी दल हमेशा कुछ ना कुछ शक्ति देते हैं।
  • गति के साथ NDA देश को आगे ले जा रहा है।
  • राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा से देश विकास की राह पर।
  • इस बार माताओं-बहनों ने कमाल कर दिया है। भारत की आजादी के बाद पार्लियामेंट में इतनी बड़ी तादात में महिला सांसद बैठने की ये पहली घटना होगी। ये अपने आप में बहुत बड़ा काम हमारी मातृ शक्ति द्वारा हुआ है ।
  • छपास और दिखाएं दोनों से बचना जरूरी।
  • जो बड़बोले होते हैं वह कुछ भी बोल देते हैं।
  • किसी के बोलने से हमारी परेशानी बढ़ती है।
  • आगे के लिए ऐसे बड़बोले बयान से बचना जरूरी है।
  • मेरे जीवन के कई पड़ाव रहे, इसलिए मैं इन चीजों को भली-भांति समझता हूं, मैंने इतने चुनाव देखे, हार-जीत सब देखे, लेकिन मैं कह सकता हूं कि मेरे जीवन में 2019 का चुनाव एक प्रकार की तीर्थयात्रा थी ।
  • एनडीए के पास दो महत्वपूर्ण चीजें हैं, जो हमारी अमानत है।
  • एक है एनर्जी और दूसरा है सिनर्जी। ये एनर्जी और सिनर्जी एक ऐसा केमिकल है, जिसको लेकर हम सशक्त और सामर्थ्यवान हुए हैं। जिसको लेकर हमें आगे चलना है ।
  • अहंकार को जितना दूर रख सकते हैं रखें ।
  • हमें सिर्फ और सिर्फ जनता जीत दिलाती है ।
  • हम जो कुछ भी है जनता के चलते हैं ।
  • हमें जनता के आदेश का पालन करना है ।
  • किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।
  • कई बार भेद और भ्रमित करने के लिए नाम चलते हैं।
  • दायित्व कुछ ही को मिल सकता है, बहकावे से बचें।
  • हमारा मोह हमें संकट में डालता है। इसलिए हमारे नए और पुराना साथी इन चीजों से बचें क्योंकि अब देश माफ नहीं करेगा। हमारी बहुत बड़ी जिम्मेदारियां है। हमें इन्हें निभाना है। वाणी से, बर्ताव से, आचार से, विचार से हमें अपने आपको बदलना होगा ।
  • हम न हमारी हैसियत से जीतकर आते हैं, न कोई वर्ग हमें जिताता है, न मोदी हमें जिताता है।
  • सिर्फ देश की जनता जिताती है। हम जो कुछ भी हैं मोदी के कारण नहीं, जनता जनार्दन के कारण हैं।
  • यहां अपनी योग्यता के कारण नहीं हैं, जनता जनार्दन के कारण हैं ।
  • संसदीय दल की बैठक में बोले मोदी-
  • हमारी सरकार गरीबों के लिए चली है।
  • 2019 में गरीबों ने हमारी सरकार बनाई।
  • हमारी सरकार की गरीबों के लिए रही है।
  • गरीबों के हक के लिए जीवन खपाना है।
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  • सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास हमारा मंत्र।
  • देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है कोई छूटना नहीं चाहिए।
  • हमें आंदोलन खड़ा करना है, जनभागीदारी से चलना है।
  • भारत में स्वच्छता जनआंदोलन बना, हमें बहुत कुछ करना है।
  • जाति धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा।
  • संविधान को साक्षी मानकर हम संकल्प लें कि देश के सभी वर्गों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
  • पंथ-जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। हम सबको मिलकर 21वीं सदी में हिंदुस्तान को ऊंचाइयों पर ले जाना है।
  • सबका साथ, सबका विकास और अब सबका विश्वास ये हमारा मंत्र है ।
  • र्भाग्य से देश की माइनॉरिटी को उस छलावे में ऐसा भ्रमित और भयभीत रख गया है ।
  • उससे अच्छा होता कि माइनॉरिटी की शिक्षा, स्वास्थ्य की चिंता की जाती।
  • 2019 में आपसे अपेक्षा करने आया हूं कि हमें इस छल को भी छेदना है। हमें विश्वास जीतना है ।
  • देश पर इस गरीबी का जो टैग लगा है, उससे देश को मुक्त करना है। गरीबों के हक के लिए हमें जीना-जूझना है, अपना जीवन खपाना है।
  • गरीबों के साथ जैसा छल हुआ, वैसा ही छल देश की माइनॉरिटी के साथ हुआ है ।

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