मध्यप्रदेश में फिर एक्टिव हुआ मानसून, मौसम विभाग ने किया अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं। मध्य प्रदेश में अब तक 21 इंच के आसपास बारिश हो चुकी है।

मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं। मध्य प्रदेश में अब तक 21 इंच के आसपास बारिश हो चुकी है। बीती रात इंदौर, भोपाल, उज्जैन संभाग के जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इंदौर में रात आज रात 3 से 3:30 तक 76 mm (3 इंच) 3:30 से 4 तक 14 mm कल सुबह 8 से आज सुबह 6 तक 108.25 (साढे 4 इंच) वर्षा दर्ज की गई थी। भोपाल में बीते 24 घंटों के दौरान 1 इंच बारिश हुई। इधर सुबह से ही कई इलाकों में रिमझिम तो कहीं तेज बारिश का सिलसिला बना रहा। अगले कुछ दिनों तक मानसून प्रदेश में एक्टिव रहेगा। उधर अगले 24 घंटों में प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम केंद्र की रिपोर्ट बता रही है कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर, शहडोल, सागर व नर्मदापुरम संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर तथा रीवा, जबलपुर, उज्जैन संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई। कुक्षी में 13, जावद में 11, भितरवार, छतरपुर में 9, मुलताई में 8, ओरछा, श्योपुरकलां में 7, बेगमगंज, अंजड़ में 6 सेंटीमीटर तक पानी गिरा है।

अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान कहता है कि नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर, भोपाल, शहडोल, सागर, जबलपुर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर, चंबल, रीवा संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है। विभाग का यलो अलर्ट चेतावनी दे रहा है कि बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल संभागों के जिलों तथा बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर जिलों में बिजली गिरने का भी अंदेशा है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 7 और 8 अगस्त को वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी और तापमान में गिरावट होगी। फिलहाल मानसून द्रोणिका अमृतसर, चंडीगढ़, सारंगपुर, बाराबंकी, डाल्टनगंज, दीघा से होते हुए दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बन गया है। इसके शक्तिशाली होने पर मानसून ट्रफ के एक बार फिर नीचे आने के आसार हैं।