खिलौना एकत्रित करने के लिये हाथ ठेला लेकर निकलेंगे मामाजी, बेहद शर्मनाक – नरेंन्द्र सलूजा

अब कह रहे हैं कि जनता उनकी व्यवस्था करें , यदि जनता को ही व्यवस्था करना है तो फिर सरकार किस लिये है ? अभी तक इन बच्चों की सरकार ने सुध क्यों नही ली है…? यदि प्रदेश में बच्चें सडको पर भीख मांग रहें है तो यह सरकार के लिये डूब मरने वाली बात है।

भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जो खुद को बच्चों का मामा कहलवाते हैं, जिनकी प्रदेश में विगत 17 वर्षों से सरकार है, जो स्वयं 15 वर्षों से प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, जिनके लिये सरकार सवा सौ करोड़ का विमान खरीदने की तैयारी कर रही हैं, जिनकी पार्टी का भोपाल का मजबूत कार्यालय बेवजह तोड़कर 500 करोड़ की लागत से दोबारा बनाने की तैयारी की जा रही है, वे अब प्रदेश के भांजे-भाजियों के लिए हाथ ठेला लेकर सड़कों पर खिलौने एकत्रित करने निकलेंगे…?

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सलूजा ने बताया कि बड़े शर्म की बात है कि 17 वर्षों बाद आज शिवराज को प्रदेश के विभिन्न चौराहों पर भीख मांग रहे बच्चों की याद आई है।अब कह रहे हैं कि किसी भी चौराहे पर कोई भी बच्चा भीख मांगते हुए नहीं दिखना चाहिए , यह शर्म की बात है, वह अब कह रहे हैं कि जनता उनकी व्यवस्था करें , यदि जनता को ही व्यवस्था करना है तो फिर सरकार किस लिये है ? अभी तक इन बच्चों की सरकार ने सुध क्यों नही ली है…? यदि प्रदेश में बच्चें सडको पर भीख मांग रहें है तो यह सरकार के लिये डूब मरने वाली बात है।

सलूजा ने शिवराज और भाजपा से सवाल पूछते हुए कहा कि क्या प्रदेश का खजाना सिर्फ ,भाजपा के प्रचार-प्रसार महिमामंडन, आयोजनों, इवेंट , मैनेजमेंट के लिए है ? करोड़ों के आयोजन करने के लिए है ? क्या इस खजाने पर प्रदेश के भांजे-भांजीयों का कोई हक नहीं ? क्या इस खजाने से उनके लिए खिलौने नहीं खरीदे जा सकते हैं , उनके आश्रय की व्यवस्था नहीं की जा सकती हैं ? इसके लिए जनता से उम्मीद लगाकर सहयोग क्यों मांगा जा रहा है ? क्या सरकार इतनी अक्षम है कि प्रदेश के नौनिहालों के लिए खिलौने,पोषण युक्त भोजन एवं आश्रय की व्यवस्था तक सरकार नहीं कर सकती है ?

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बच्चों के लिये खिलौनो की व्यवस्था हो लेकिन वह सरकार करे , जनता व सामाजिक संगठन तो अपने स्तर पर समय-समय पर मदद करती ही है , सरकार अपने दायित्व से क्यों बचना चाह रही है , क्या सरकार इसके किये अक्षम है ?
सलूजा ने बताया कि बड़े ही शर्म की बात है कि प्रदेश के खजाने को रोज सरकार इवेंट के नाम पर लुटा रही है।प्रदेश को 3 लाख करोड़ से अधिक के कर्ज में धकेला जा चुका है, रोज इवेंट, आयोजन के नाम पर करोड़ों रुपए लुटा दिए जाते हैं, वहां बच्चों के खिलौनों के लिए मुख्यमंत्री को हाथ ठेला लेकर सड़कों पर उतर कर जनता से मदद मांगने की घोषणा करना पड़ रही है…? यह भी सिर्फ़ एक इवेंट है , जिसमें मामाजी और भाजपा माहिर है।
माननीय संपादक महोदय नरेन्द्र सलूजा
ससम्मान प्रकाशनार्थ मीडिया समन्वयक